बंद तहखाने ने अचानक निगल लिया कमरा! पलंग समेत 15 फीट नीचे जा गिरी महिला, मची चीख-पुकार

भिंड के पुराने मकान में रात 9:15 बजे खौफनाक हादसा, फर्श धंसते ही महिला सीधे भूमिगत कक्ष में समाई; सीढ़ी उतारकर परिजनों ने निकाला, अस्पताल में भर्ती
भिंड। जिस जमीन पर परिवार बरसों से रह रहा था, उसी के नीचे मौत का गड्ढा छिपा बैठा था। बुधवार रात करीब 9:15 बजे शहर की कन्या स्कूल वाली गली में एक पुराने मकान के कमरे की फर्श अचानक भरभराकर धंस गई। कमरे में मौजूद 45 वर्षीय महिला को संभलने तक का मौका नहीं मिला। वह पलंग समेत करीब 15 फीट नीचे बने पुराने तहखाने में जा गिरी। अचानक हुए इस हादसे से घर में चीख-पुकार मच गई।
बताया गया है कि महिला कमरे में बिस्तर की चादर बदल रही थी, तभी फर्श का एक हिस्सा अचानक नीचे बैठ गया। पलभर में कमरे का दृश्य बदल गया और महिला मलबे के साथ गहरे गड्ढे में जा पहुंची। आवाज सुनकर परिजन और आसपास के लोग दौड़े। नीचे गिरी महिला को निकालने के लिए सीढ़ी उतारी गई। काफी मशक्कत के बाद उसे बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार चल रहा है।
कमरे के नीचे छिपा था पुराने दौर का तहखाना
इस मकान का इतिहास भी हादसे के बाद सामने आया। परिजनों के मुताबिक, भवन का इस्तेमाल रियासतकाल में स्थानीय प्रशासनिक न्यायालय के रूप में होता था। उस समय राजस्व के रूप में वसूला जाने वाला अनाज इसी भवन के भूमिगत कक्ष में रखा जाता था। स्थानीय तौर पर इसे गल्ला खंती कहा जाता था। परिवार के अनुसार, 1980 के दशक में मकान का पुनर्निर्माण कराया गया और तहखाने को बंद कर दिया गया था।
पानी ने खोखली कर दी जमीन या कुछ और थी वजह?
प्रारंभिक आशंका है कि लंबे समय तक पानी का रिसाव होने से तहखाने के भीतर की मिट्टी कमजोर होती गई और ऊपर की जमीन खोखली पड़ गई। गड्ढे के तल में पानी भी मिला है। हालांकि फर्श धंसने की असली वजह अभी स्पष्ट नहीं है। इसके लिए तकनीकी जांच जरूरी होगी।
इस घटना ने पुराने शहर के उन मकानों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है, जिनके नीचे दशकों पुराने तहखाने और भूमिगत कक्ष मौजूद हैं। ऊपर से सब कुछ सामान्य दिखाई देने वाली इमारतों के नीचे जमीन कितनी सुरक्षित है, इसका अंदाजा इस हादसे ने करा दिया। एक बंद तहखाना अचानक खुले गड्ढे में बदल गया और एक महिला की जिंदगी खतरे में पड़ गई।
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