शिवपुरी में 60 लाख की कथित ठगी: मुनाफे का लालच पड़ा भारी, कृषि अधिकारी की रकम फंसी तो खुला निवेश का खेल

शेयर बाजार और IPO के नाम पर व्हाट्सऐप से बुना गया भरोसे का जाल; अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कराए लाखों रुपये, रकम वापस मांगने पर संपर्क बंद—फिजिकल थाने में FIR
शिवपुरी ब्यूरो। 60 लाख रुपये कोई छोटी रकम नहीं होती। इसे कमाने में किसी की जिंदगी की वर्षों की मेहनत लग जाती है। लेकिन निवेश पर मोटे मुनाफे की उम्मीद में इतनी बड़ी रकम दांव पर लग जाए और बाद में पैसा लेने वाले ही संपर्क से गायब हो जाएं, तो मामला गंभीर हो जाता है। शिवपुरी में कृषि विभाग के अधिकारी ललित श्रीवास्तव के साथ कथित ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी का मामला इसी तरह सामने आया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू की है।
मामले की शुरुआत 25 मार्च 2026 को हुई, जब ललित श्रीवास्तव को ‘120 Lansdown Collective Combination Strategy’ नाम के व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ा गया। यहां शेयर बाजार और IPO में निवेश के जरिए भारी मुनाफा कमाने के दावे किए जा रहे थे। शिकायत के मुताबिक, 27 अप्रैल को उन्होंने पहली बार एक लाख रुपये जमा किए। इसके बाद रकम भेजने का सिलसिला चलता रहा और 19 अगस्त को पांच लाख रुपये की आखिरी किस्त जमा कराई गई। आरोप है कि इस दौरान कुल 60 लाख रुपये निवेश के नाम पर ट्रांसफर कराए गए।
रकम खाते में पहुंचती रही, भरोसा आखिर किस पर था?
शिकायत के अनुसार, पैसा अलग-अलग मोबाइल नंबरों से जुड़ी UPI आईडी और बैंक खातों में IMPS तथा RTGS के जरिए भेजा गया। परेशानी तब सामने आई, जब अधिकारी ने अपनी रकम वापस निकालने की कोशिश की। संबंधित नंबर इनवैलिड बताने लगे और व्हाट्सऐप कॉल का जवाब मिलना बंद हो गया। जिस निवेश से कमाई की उम्मीद थी, उसी की रकम वापस पाने के लिए उन्हें पुलिस तक पहुंचना पड़ा।
60 लाख का हिसाब खुलेगा बैंक खातों से
अब जांच का अहम हिस्सा उन खातों और UPI आईडी तक पहुंचना है, जिनमें रकम भेजी गई। पैसा किन लोगों तक पहुंचा, व्हाट्सऐप ग्रुप चलाने वालों की पहचान क्या है और रकम वापस मिलने की कितनी संभावना है—इनका जवाब पुलिस जांच से ही सामने आएगा। फिलहाल आरोपियों की पहचान और रकम की बरामदगी को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
यह मामला एक बार फिर बताता है कि सोशल मीडिया पर मुनाफे के बड़े-बड़े दावे किसी निवेश की विश्वसनीयता की गारंटी नहीं होते। रकम जमा कराने से पहले योजना की वैधता और संबंधित संस्था की पहचान जांचना जरूरी है, क्योंकि ऑनलाइन निवेश के नाम पर किया गया एक गलत भरोसा लाखों की कमाई पर भारी पड़ सकता है।
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