रामायण पर 4000 करोड़ का महादांव! रणबीर के राम, यश के रावण से दुनिया को चौंकाने की तैयारी; क्या टूटेंगे कमाई के सारे रिकॉर्ड?

हॉलीवुड के दिग्गजों से लेकर ऑस्कर विजेता संगीतकारों तक की भागीदारी, भारत की सबसे महत्वाकांक्षी फिल्म परियोजनाओं में शामिल रामायण का वैश्विक आगाज; आखिर क्यों एक बार फिर पर्दे पर उतारी गई सदियों पुरानी कथा, किसने उठाया इतना बड़ा जोखिम और क्या हजारों करोड़ की लागत निकाल पाएगी फिल्म?
नई दिल्ली।रामायण की कहानी भारत में नई नहीं है। इसे घर-घर में सुना गया, टेलीविजन पर देखा गया और कई पीढ़ियों ने इसके पात्रों को अपने जीवन का हिस्सा बनाया। फिर ऐसा क्या हुआ कि इसी कहानी को दोबारा पर्दे पर उतारने के लिए करीब 4000 करोड़ रुपये का दांव लगा दिया गया? क्या मकसद सिर्फ एक भव्य फिल्म बनाना है या भारतीय महाकाव्य को हॉलीवुड के स्तर पर दुनिया के सामने स्थापित करने की बड़ी योजना है? रणबीर कपूर, साई पल्लवी और यश की मुख्य भूमिकाओं वाली नितेश तिवारी निर्देशित ‘रामायण: पार्ट वन’ 5 नवंबर 2026 को दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। फिल्म की चर्चा केवल इसके कलाकारों को लेकर नहीं, बल्कि इसके बजट, तकनीक, अंतरराष्ट्रीय भागीदारी और कारोबार की संभावनाओं को लेकर भी है।
4000 करोड़ का आंकड़ा, आखिर किसने लगाया इतना बड़ा दांव?
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के निर्माता नमित मल्होत्रा हैं। उन्होंने दोनों भागों को मिलाकर करीब 500 मिलियन डॉलर यानी 4000 करोड़ रुपये से अधिक के प्रोजेक्ट की बात कही है। अभिनेता और सह-निर्माता यश ने भी स्पष्ट किया है कि इस आंकड़े में दोनों फिल्मों के साथ रिलीज और प्रचार का खर्च शामिल है। यानी यह केवल पहली फिल्म की निर्माण लागत नहीं है। भारतीय फिल्म उद्योग में इतनी बड़ी परियोजना अपने आप में असाधारण है। निर्माता का लक्ष्य सिर्फ देश में कमाई करना नहीं, बल्कि भारतीय कहानी को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के बीच बड़े सिनेमाई अनुभव के रूप में पहुंचाना है।
रणबीर राम, यश रावण और सनी देओल हनुमान: कलाकारों का चयन भी चर्चा में
फिल्म में रणबीर कपूर भगवान श्रीराम, साई पल्लवी माता सीता और यश रावण की भूमिका निभा रहे हैं। सनी देओल हनुमान और रवि दुबे लक्ष्मण के किरदार में हैं। अरुण गोविल राजा दशरथ, लारा दत्ता कैकेयी और विवेक ओबेरॉय भी अहम भूमिका में दिखाई दे रहे हैं। खास बात यह है कि अरुण गोविल स्वयं पहले टेलीविजन पर राम का लोकप्रिय किरदार निभा चुके हैं। ऐसे में नई पीढ़ी के रणबीर कपूर के साथ उनका जुड़ना भी दर्शकों के लिए दिलचस्प है। वहीं यश को रावण के रूप में देखना फिल्म की सबसे बड़ी आकर्षणों में शामिल है।
हॉलीवुड की तकनीक और दो दिग्गज संगीतकार, आखिर कितना भव्य है निर्माण?
फिल्म के निर्माण में प्राइम फोकस स्टूडियोज के साथ डीएनईजी और यश की मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस शामिल हैं। डीएनईजी हॉलीवुड की प्रतिष्ठित विजुअल इफेक्ट्स कंपनियों में से एक है, जिसने ‘इंटरस्टेलर’, ‘इनसेप्शन’ और ‘ड्यून’ जैसी फिल्मों में तकनीकी योगदान दिया है। संगीत के लिए ए.आर. रहमान और हॉलीवुड के प्रसिद्ध संगीतकार हैंस जिमर को साथ लाया गया है। दोनों का एक ही परियोजना में जुड़ना फिल्म को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग पहचान देता है। इसे आईमैक्स और अन्य प्रीमियम सिनेमाई प्रारूपों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
पहले दिन 54.83 करोड़ का कारोबार, लेकिन 4000 करोड़ की वसूली आसान नहीं
फिल्म ने रिलीज के पहले दिन 5 नवंबर को शाम 6 बजे तक उपलब्ध शुरुआती ट्रेड आंकड़ों के अनुसार भारतीय बॉक्स ऑफिस पर लगभग 54.83 करोड़ रुपये का ग्रॉस और 46.47 करोड़ रुपये का नेट कारोबार दर्ज किया। यह आंकड़े दिन के दौरान के हैं, अंतिम कलेक्शन नहीं। ट्रेड विश्लेषकों ने पहले दिन के विश्वव्यापी कारोबार का अनुमान करीब 160 करोड़ रुपये तक लगाया था। हालांकि अनुमान और वास्तविक कमाई में अंतर हो सकता है। यहां सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी बड़ी लागत वाली परियोजना को अपनी कमाई के लिए केवल भारतीय सिनेमाघरों पर निर्भर नहीं रहना होगा। विदेशी बाजार, डिजिटल और अन्य वितरण अधिकार भी इसकी आर्थिक सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
भारत से लॉस एंजिलिस तक रामायण की दस्तक
फिल्म का विशेष प्रीमियर 27 अक्टूबर को अमेरिका के लॉस एंजिलिस स्थित एकेडमी म्यूजियम ऑफ मोशन पिक्चर्स के डेविड गेफेन थिएटर में हुआ। रणबीर कपूर, साई पल्लवी, यश और फिल्म की टीम इस आयोजन में शामिल हुई। इसके बाद 5 नवंबर को फिल्म का विश्वव्यापी सिनेमाई प्रदर्शन शुरू हुआ। यह हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम और अंग्रेजी भाषाओं में रिलीज हुई है। अंतरराष्ट्रीय वितरण में सोनी पिक्चर्स इंटरनेशनल की भूमिका है। इससे साफ है कि निर्माताओं की नजर भारतीय दर्शकों के साथ-साथ विदेशों में बसे भारतीयों और अंतरराष्ट्रीय फिल्म दर्शकों पर भी है।
दूसरे भाग के लिए करना होगा लंबा इंतजार, 2028 तक बढ़ी तारीख
इस परियोजना का दूसरा भाग भी अब चर्चा में है। शुरुआत में इसे 2027 में रिलीज करने की योजना थी, लेकिन निर्माता नमित मल्होत्रा ने अब दूसरे भाग की रिलीज दिवाली 2028 में होने की पुष्टि की है। इसके पीछे फिल्म के बड़े पैमाने पर निर्माण और कहानी के अंतिम हिस्से को बेहतर तरीके से तैयार करने की जरूरत बताई गई है। यहां तक कि दर्शकों की प्रतिक्रिया के आधार पर इसे तीन भागों में विस्तार देने की संभावना भी निर्माता ने जताई है।
रामायण की आस्था और 4000 करोड़ का कारोबार, असली परीक्षा अब शुरू
रामायण करोड़ों लोगों की आस्था और भारतीय संस्कृति की पहचान है। इसे आधुनिक तकनीक के साथ दुनिया के सामने प्रस्तुत करना एक बड़ा अवसर भी है और बड़ी जिम्मेदारी भी। यश ने अपने एक साक्षात्कार में सिनेमा को भारत की सॉफ्ट पावर बताते हुए कहा है कि भारतीय कहानियों को वैश्विक स्तर पर ले जाना जरूरी है। यही इस परियोजना के पीछे की सबसे बड़ी सोच दिखाई देती है। लेकिन भव्य सेट, महंगी तकनीक और बड़े सितारों की मौजूदगी अपने आप में सफलता की गारंटी नहीं है। फिल्म की असली कसौटी उसकी कहानी, पात्रों की मर्यादा, दर्शकों की भावनाएं और लंबे समय तक मिलने वाली व्यावसायिक सफलता होगी। अब देखना यह है कि 4000 करोड़ का यह दांव भारतीय सिनेमा को विश्व मंच पर नई ऊंचाई देता है या इतनी बड़ी लागत निर्माताओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती बनकर खड़ी होती है।
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