खनियाधाना के छात्रावासों में अचानक पहुंचे संभागायुक्त खत्री, व्यवस्थाओं की खोली परतें

साफ-सफाई से लेकर भोजन की गुणवत्ता तक बारीकी से पड़ताल, विद्यार्थियों से सीधे लिया फीडबैक—अधिकारियों को दो टूक: लापरवाही मिली तो जवाबदेही तय होगी
शिवपुरी/खनियाधाना। शासन की योजनाएं फाइलों में कितनी भी बेहतर दिखाई दें, लेकिन उनकी असली तस्वीर जमीन पर ही सामने आती है। इसी हकीकत को परखने के लिए ‘मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान 2026’ के तहत ग्वालियर संभाग के संभागायुक्त मनोज खत्री ने खनियाधाना क्षेत्र के अनुसूचित जाति छात्रावासों में अचानक दस्तक देकर व्यवस्थाओं की हकीकत परखी। बिना किसी औपचारिकता के किए गए इस औचक निरीक्षण में उन्होंने शासकीय अनुसूचित जाति सीनियर कन्या छात्रावास, शासकीय अनुसूचित जाति उत्कृष्ट कन्या छात्रावास और शासकीय अनुसूचित जाति उत्कृष्ट बालक छात्रावास का जायजा लिया और अधिकारियों से लेकर अधीक्षकों तक को स्पष्ट कर दिया कि छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों की सुविधाओं से किसी भी स्तर पर समझौता बर्दाश्त नहीं होगा।
संभागायुक्त ने छात्रावासों की साफ-सफाई, पेयजल, शयन कक्ष, अध्ययन कक्ष, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा इंतजाम को बारीकी से देखा। इसके बाद रसोईघर तक पहुंचकर खाद्यान्न की गुणवत्ता और निर्धारित मेन्यू के अनुसार तैयार हो रहे भोजन की स्थिति भी जांची। निरीक्षण का सबसे अहम हिस्सा तब सामने आया जब उन्होंने अधिकारियों की रिपोर्ट पर निर्भर रहने के बजाय विद्यार्थियों से सीधे बातचीत कर उनकी दिनचर्या, पढ़ाई के माहौल, किताबों की उपलब्धता और छात्रावास में मिल रही सुविधाओं का फीडबैक लिया। यह सीधा संवाद इस बात का संकेत रहा कि अब सरकारी व्यवस्थाओं का मूल्यांकन केवल कागजी रिपोर्टों से नहीं, बल्कि उन विद्यार्थियों की आवाज से भी होगा जो वास्तव में इन सुविधाओं का उपयोग कर रहे हैं।
अधिकारियों को दो टूक—छात्रों की सुविधा में लापरवाही हुई तो जवाबदेही तय होगी
निरीक्षण के बाद संभागायुक्त मनोज खत्री ने विभागीय अधिकारियों और छात्रावास अधीक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विद्यार्थियों के कल्याण, भोजन, स्वच्छता और सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने मेन्यू के अनुसार समय पर पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने, परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने और विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं अनुकूल शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
संभागायुक्त ने स्पष्ट किया कि ‘मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान’ केवल निरीक्षण करने का अभियान नहीं, बल्कि सरकारी संस्थानों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का माध्यम है। यानी जिस व्यवस्था पर सरकार जनता का विश्वास कायम करना चाहती है, उसकी जमीनी हकीकत जांचना अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
औचक निरीक्षण के दौरान पिछोर एसडीएम ममता शाक्य, अजा कल्याण विभाग के जिला संयोजक महेंद्र श्रीवास्तव, जिला शिक्षा अधिकारी आकाश यादव सहित संबंधित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। निरीक्षण के बाद अब निगाह इस बात पर रहेगी कि संभागायुक्त के निर्देशों का पालन जमीन पर कितनी गंभीरता से होता है और छात्रावासों की व्यवस्थाओं में आगे क्या सुधार दिखाई देता है।
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