Telegram Join our Telegram Channel for Daily Latest News Updates! Join Now ×

RTI में ‘राशन कटौतीं निरंक ‘ लिखकर खाद्ध बिभाग ने क्या छिपाया ? कलेक्टर की कार्रवाही मे खुलते गये राशन के गुप्त रहस्य ! कही पोर्टल पर घटा राशन , कहीं गोदाम उगल रहे चाबल का जखीरा – अब पूरे जिले मे खाद्ध रिकॉर्ड की बारी

कागजों में सब ठीक, जमीन पर 300 क्विंटल सरकारी चावल जब्त; विनेका में पोर्टल पर 118.80 क्विंटल, मौके पर करीब 3 क्विंटल—खाद्य विभाग के अपने जवाब पर अब बड़ा सवाल

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

शिवपुरी। गरीब के हिस्से के राशन का हिसाब मांगो तो खाद्य विभाग RTI में जवाब देता है—राशन के ऑनलाइन रिकॉर्ड में कटौती ‘निरंक’ है। लेकिन जिले में सामने आई कार्रवाई और राशन के रिकॉर्ड अब इसी जवाब पर सवाल खड़े कर रहे हैं। सवाल इसलिए भी गंभीर है क्योंकि यह किसी मौखिक दावे का मामला नहीं, बल्कि खाद्य विभाग के लिखित RTI जवाब का मामला है।

05 अगस्त 2026 को मांगी गई जानकारी के जवाब में जिला खाद्य आपूर्ति कार्यालय ने 01 जनवरी 2024 से 31 दिसंबर 2025 तक की जानकारी उपलब्ध कराई। विभाग द्वारा भेजे गए बिंदुवार जवाब में जिले की समस्त तहसीलों की उचित मूल्य दुकानों के ऑनलाइन पोर्टल पर गेहूं, चावल, नमक एवं आंगनवाड़ी सामग्री के आवंटन/स्टॉक को घटाए जाने से संबंधित जानकारी के जवाब में ‘निरंक’ लिखा गया है। अगले संबंधित बिंदु पर भी विभाग ने जानकारी को इसी आधार पर ‘निरंक’ बताया है। यानी विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार उक्त अवधि में पोर्टल पर ऐसी राशन कटौती का कोई मामला दर्ज नहीं था।

लेकिन दूसरी तरफ कोलारस के विनेका की उचित मूल्य दुकान में सरकारी पोर्टल पर 118.80 क्विंटल खाद्यान्न दर्ज बताया गया, जबकि जांच के दौरान मौके पर करीब 3 क्विंटल ही मिलने की जानकारी सामने आई। मामले में FIR तक दर्ज हुई। इसके बाद 24 सितंबर को बदरवास में प्रशासनिक टीम ने एक गोदाम से करीब 300 क्विंटल शासकीय चावल जब्त कर गोदाम सील कराया और FIR दर्ज कराई। एक अन्य मिल से भी सरकारी चावल मिलने की कार्रवाई सामने आई। कोलारस अनुविभाग में 11 राशन दुकानों की समीक्षा के बाद करीब 25.80 लाख रुपये की वसूली के आदेश की जानकारी भी सामने आई है।

यहीं से पूरा मामला सिर्फ राशन दुकानदारों तक सीमित नहीं रह जाता। यदि ऑनलाइन पोर्टल पर गेहूं, चावल, नमक और अन्य सामग्री के स्टॉक में कटौती की जानकारी ‘निरंक’ है, तो फिर पोर्टल पर दर्ज स्टॉक और मौके पर मौजूद वास्तविक स्टॉक में अंतर किस स्तर पर पैदा हुआ? क्या पोर्टल का रिकॉर्ड वास्तविक भौतिक स्टॉक की सही तस्वीर बता रहा था? यदि हां, तो इतनी बड़ी मात्रा में सरकारी राशन कम मिलने की नौबत कैसे आई? और यदि पोर्टल का रिकॉर्ड ही वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खा रहा था तो उसकी निगरानी और सत्यापन की जिम्मेदारी किसकी थी?

यह विरोधाभास इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि RTI के जवाब में विभाग ने केवल एक दुकान की जानकारी नहीं, बल्कि जिले की समस्त तहसीलों से संबंधित मांगी गई जानकारी को ‘निरंक’ बताया है। ऐसे में अब सवाल सिर्फ यह नहीं है कि किसी एक दुकान पर राशन कम मिला या नहीं, बल्कि यह है कि ऑनलाइन पोर्टल, आवंटन, उठाव, ई-पॉस वितरण और दुकान के भौतिक स्टॉक के बीच वास्तविक मिलान आखिर कब और कैसे हुआ।

कोलारस में कलेक्टर अर्पित वर्मा द्वारा चार सदस्यीय जांच समिति गठित कर रिपोर्ट मांगी गई, अलग-अलग क्षेत्रों में राशन नहीं मिलने की शिकायतें सामने आती रहीं और प्रशासन ने कई तहसीलों में राशन दुकानों के औचक निरीक्षण भी कराए। ऐसे में अब केवल जिस दुकान से शिकायत आई, उसी पर कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं होगा।

पूरे जिले में विशेष राशन ऑडिट की जरूरत है। प्रत्येक उचित मूल्य दुकान के पोर्टल रिकॉर्ड और भौतिक स्टॉक का मिलान कराया जाए। कितना राशन आवंटित हुआ, कितना उठाया गया, पोर्टल पर कितना स्टॉक दर्ज हुआ, ई-पॉस में कितना वितरण दिखाया गया और मौके पर वास्तव में कितना राशन मिला—इन सभी आंकड़ों का दुकानवार और तहसीलवार मिलान हो। साथ ही RTI में ‘निरंक’ जवाब देने वाले रिकॉर्ड का भी मूल दस्तावेजों और संबंधित ऑनलाइन प्रविष्टियों से सत्यापन कराया जाना चाहिए।

यदि जांच में पोर्टल रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में अंतर, राशन की हेराफेरी अथवा गलत जानकारी सामने आती है तो जहां जिस अधिकारी, कर्मचारी या विक्रेता की जिम्मेदारी और दोष प्रमाणित हो, वहां नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

क्योंकि ‘निरंक’ केवल RTI के जवाब का एक शब्द नहीं है, बल्कि सरकारी रिकॉर्ड के आधार पर दिया गया लिखित जवाब है। और अब जब उसी जिले में सरकारी राशन की जब्ती, गोदाम सील, FIR और वसूली की कार्रवाई सामने आ चुकी है, तो सवाल और सीधा हो गया है—

RTI में राशन कटौती ‘निरंक’ थी, फिर सरकारी पोर्टल और जमीन के बीच राशन आखिर गायब कैसे हुआ?
गरीब की थाली का असली हिसाब अब सिर्फ कागजों से नहीं, बल्कि जिले की प्रत्येक राशन दुकान के पोर्टल रिकॉर्ड और भौतिक स्टॉक के मिलान से सामने आना चाहिए।

📢 सूचना एवं विज्ञापन हेतु निवेदन: यदि आपके क्षेत्र से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण स्थानीय खबर, सामाजिक गतिविधि या जनहित से संबंधित जानकारी है, तो कृपया प्रकाशन के लिए हमारे न्यूज़ पोर्टल के साथ साझा करें। विज्ञापन एवं प्रचार-प्रसार हेतु भी आप हमसे संपर्क कर सकते हैं। संपर्क करने के लिए कांटेक्ट उस पेज पर जाये। धन्यवाद्!

Was this article helpful?
YesNo

Live Cricket Info

संजीव पुरोहित

मैं संजीव पुरोहित, शिवपुरी (मध्य प्रदेश) से हूँ और शिवपुरी मेल का चीफ एडिटर हूँ। मेरा उद्देश्य स्थानीय और जनहित से जुड़ी सच्ची, निष्पक्ष व ज़मीनी खबरें आप तक पहुँचाना है। ताज़ा अपडेट के लिए Telegram और WhatsApp पर हमारे साथ जुड़ें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button
Close

Ad Blocker Detected

We rely on advertising revenue to support our journalism and keep this website running. Please consider disabling your ad blocker to continue accessing our content.