जनता के बीच CM, दफ्तरों में हड़कंप! छिंदवाड़ा में ‘जनविश्वास’ की पहली ही पारी में 3 अफसर सस्पेंड

7 अगस्त को छिंदवाड़ा से शुरू हुआ प्रदेशव्यापी अभियान; ITI से लेकर कलेक्ट्रेट के लोक सेवा केंद्र तक CM ने लिया जायजा, जनता की शिकायतों पर मौके से निकले कार्रवाई के आदेश
छिंदवाड़ा।सरकार अब सिर्फ भोपाल के मंत्रालय और सरकारी दफ्तरों में बैठकर नहीं चलेगी—सरकार जनता के बीच जाएगी और जनता से सीधे जवाब भी सुनेगी। इसी संदेश के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 को छिंदवाड़ा से प्रदेशव्यापी ‘मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान-2026’ का शुभारंभ किया।
अभियान के पहले ही दिन मुख्यमंत्री का अंदाज ऐसा रहा कि जनता की शिकायतें सुनने के साथ-साथ लापरवाही के जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई भी तत्काल हुई। छिंदवाड़ा के CMHO, परासिया तहसीलदार और संबंधित पटवारी को निलंबित करने के निर्देश दिए गए। यानी ‘जनविश्वास’ की पहली शुक्रवार की शुरुआत ही प्रशासन के लिए सख्त संदेश बन गई।

सुबह इमलीखेड़ा हवाई पट्टी पर पहुंचे CM, सीधे ITI पहुंचे
मुख्यमंत्री का छिंदवाड़ा दौरा इमलीखेड़ा हवाई पट्टी पर आगमन से शुरू हुआ। यहां पहुंचने के बाद वे सीधे औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने ITI में विभिन्न प्रशिक्षण इकाइयों का निरीक्षण किया और छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद किया। उन्होंने प्रशिक्षण व्यवस्था, कौशल विकास और युवाओं के रोजगार-सुविधाओं से जुड़े विषयों की जानकारी ली तथा युवाओं को कौशल के माध्यम से रोजगार और स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया।
इसके बाद कलेक्ट्रेट के लोक सेवा केंद्र में अचानक पहुंचे CM
ITI के बाद मुख्यमंत्री छिंदवाड़ा कलेक्टर कार्यालय स्थित लोक सेवा केंद्र पहुंचे। यहां उन्होंने आम नागरिकों को मिलने वाली सेवाओं और व्यवस्था का निरीक्षण किया।
यही वह निरीक्षण था जहां मुख्यमंत्री ने सरकारी सेवा व्यवस्था को नजदीक से देखा और अधिकारियों से जवाब भी लिया। उपलब्ध समाचार विवरण के मुताबिक मुख्यमंत्री ने स्थानीय कार्यालयों का निरीक्षण कर आम लोगों, किसानों और छात्रों से भी संवाद किया।
फिर जनता की शिकायतों का नंबर आया और खुलने लगीं लापरवाही की परतें
जनविश्वास अभियान के तहत शिकायतों की सुनवाई के दौरान कई ऐसे मामले मुख्यमंत्री के सामने आए, जिनमें सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक नहीं पहुंचा था।
सबसे बड़ी कार्रवाई प्रसूति सहायता राशि के मामले में हुई। सीमा तुमराम ने शिकायत की कि उन्हें प्रसूति सहायता राशि नहीं मिली। जांच में पोर्टल पर गलत जानकारी दर्ज होने की बात सामने आई। मुख्यमंत्री ने इसे विभागीय लापरवाही माना और छिंदवाड़ा CMHO डॉ. नरेश गुन्नाड़े को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए।
PM किसान सम्मान निधि में गलत प्रतिवेदन पड़ा भारी
मीना बंजारा ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ नहीं मिलने की शिकायत की थी। जांच में पाया गया कि परासिया तहसील के संबंधित पटवारी ने गलत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया, जिसके कारण हितग्राही योजना के लाभ से वंचित रही।
मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीर मानते हुए परासिया तहसीलदार सुनैना ब्रम्हे और संबंधित पटवारी सिद्धांत साहू को निलंबित करने के निर्देश दिए। साथ ही आवेदिका को मुख्यमंत्री आर्थिक सहायता के माध्यम से एक वर्ष की सहायता राशि उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
संबल योजना में लापरवाही पर वेतनवृद्धि रोकी
मानवती वर्मा ने बताया कि वर्ष 2022 में पति संतोष वर्मा की मृत्यु के बाद पात्रता के बावजूद उन्हें मुख्यमंत्री संबल योजना की अंत्येष्टि एवं अनुग्रह सहायता नहीं मिली।
शिकायत की समीक्षा के बाद लापरवाही पाए जाने पर चौरई जनपद पंचायत के CEO और श्रम अधिकारी की एक-एक वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश दिए गए।
भू-अभिलेख सुधार का आदेश था, फिर भी रिकॉर्ड नहीं सुधरा
गोविंद नायक की भू-अभिलेख दुरुस्तीकरण संबंधी शिकायत में भी प्रशासनिक लापरवाही सामने आई। शिकायत की समीक्षा में पाया गया कि SDM द्वारा आदेश जारी किए जाने के बावजूद अभिलेखों में सुधार नहीं हुआ।
मुख्यमंत्री ने इस मामले में SDM चौरई, संबंधित तहसीलदार और पटवारी को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की सब्सिडी से जुड़ी शिकायत में भी पात्र हितग्राही को तत्काल लाभ दिलाने के निर्देश दिए गए।
औद्योगिक क्षेत्र के प्रतिनिधियों से भी मिले CM
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री दिवंगत भाजपा नेता लोकेश डेहरिया के निवास पर पहुंचे और उनके परिजनों से मुलाकात की।
इसके बाद कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में उद्योग प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। इसमें औद्योगिक निवेश, विकास, रोजगार और निवेशकों की समस्याओं पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निवेशकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान करने के निर्देश दिए।
FDDI ऑडिटोरियम में हुआ मुख्य कार्यक्रम
इसके बाद FDDI ऑडिटोरियम में मुख्य कार्यक्रम आयोजित हुआ। यहां मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 1,281 अधिकारी-कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिलने पर बधाई दी और नवनियुक्त शिक्षकों को नियुक्ति पत्र भी वितरित किए।
हर शुक्रवार रहेगा ‘नो मीटिंग डे’, अफसर मैदान में उतरेंगे
मुख्यमंत्री ने अभियान की सबसे महत्वपूर्ण व्यवस्था बताते हुए कहा कि हर शुक्रवार अधिकारियों के लिए ‘नो मीटिंग डे’ रहेगा। यानी अधिकारी बैठकों में उलझने के बजाय जनता के बीच जाकर समस्याएं सुनेंगे।
जिला मुख्यालय से लेकर तहसील स्तर तक जनता दरबार/जनसंवाद आयोजित होंगे, जिनमें मंत्री, विधायक, कलेक्टर, कमिश्नर और अन्य अधिकारी मौजूद रहेंगे। अभियान के चार प्रमुख आधार संवाद, समाधान, संवेदनशीलता और सादगी बताए गए हैं।
सवाल अब यह है—क्या हर शुक्रवार ऐसी ही कार्रवाई होगी?
छिंदवाड़ा में पहले ही दिन तीन अधिकारियों के निलंबन और कई अधिकारियों पर कार्रवाई ने ‘जनविश्वास अभियान’ को महज सरकारी कार्यक्रम बनने से रोक दिया है।
अब असली परीक्षा अगले शुक्रवार से शुरू होगी।
क्योंकि जनता यह देखना चाहेगी कि मुख्यमंत्री के छिंदवाड़ा दौरे में जिस तरह शिकायत पर कार्रवाई हुई, क्या प्रदेश के दूसरे जिलों में भी अधिकारी जनता की शिकायत को उतनी ही गंभीरता से लेंगे?
अगर हर शुक्रवार शिकायत के साथ जिम्मेदारी भी तय होती रही, तो यह अभियान सरकारी फाइलों में दर्ज एक और योजना नहीं, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच भरोसे की वास्तविक परीक्षा बन सकता है।
और छिंदवाड़ा का पहला शुक्रवार साफ संदेश दे गया है—अब शिकायत सिर्फ सुनी नहीं जाएगी, लापरवाही मिली तो जिम्मेदारी भी तय होगी।
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