शिवपुरी से दागा गया ‘आत्मनिर्भर भारत’ का सबसे बड़ा संदेश

2500 करोड़ के अदाणी डिफेंस प्लांट से रक्षा उत्पादन के राष्ट्रीय नक्शे पर उभरा शिवपुरी; 211 करोड़ की विकास सौगात, हजारों रोजगार का दावा
शिवपुरी। वर्षों तक पर्यटन, जंगल और पिछड़ेपन की पहचान से जूझता रहा शिवपुरी अब देश की सामरिक ताकत के नए अध्याय का हिस्सा बनने जा रहा है। रविवार को पाली औद्योगिक क्षेत्र में 2500 करोड़ रुपये की लागत वाले अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का शिलान्यास केवल एक औद्योगिक परियोजना का शुभारंभ नहीं था, बल्कि यह उस राजनीतिक और आर्थिक संदेश का उद्घोष भी था जिसमें मध्यप्रदेश को देश के डिफेंस कॉरिडोर की अग्रिम पंक्ति में खड़ा करने की रणनीति साफ दिखाई दी।

मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने संयुक्त रूप से इस महत्वाकांक्षी परियोजना की आधारशिला रखी। मंच से बार-बार दोहराया गया कि भारत अब रक्षा उपकरण खरीदने वाला नहीं, बल्कि दुनिया को रक्षा उत्पाद उपलब्ध कराने वाला देश बन चुका है। इसी संदेश के साथ शिवपुरी को देश के रक्षा उत्पादन मानचित्र पर नई पहचान देने का दावा किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की रक्षा नीति में ऐतिहासिक बदलाव आया है। कभी विदेशों से हथियार खरीदने वाला भारत आज स्वदेशी मिसाइल, गोला-बारूद और आधुनिक रक्षा प्रणालियां विकसित कर वैश्विक बाजार में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है। उन्होंने कहा कि शिवपुरी में बनने वाला यह संयंत्र आत्मनिर्भर भारत की सैन्य क्षमता को नई गति देगा।
करीब 2500 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह संयंत्र दक्षिण एशिया के सबसे बड़े निजी मिसाइल इकोसिस्टम में शामिल होने का दावा कर रहा है। यहां रॉ मटेरियल से लेकर तैयार मिसाइल और आधुनिक गोला-बारूद तक का निर्माण एक ही परिसर में होगा। सरकार का अनुमान है कि परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 4 से 5 हजार रोजगार सृजित होंगे, जबकि स्थानीय उद्योगों और लघु इकाइयों के लिए भी नई सप्लाई चेन विकसित होगी।

राजनीतिक दृष्टि से भी यह कार्यक्रम कई संदेश छोड़ गया। एक ओर सरकार ने उद्योग और निवेश के जरिए ग्वालियर-चंबल क्षेत्र को नया औद्योगिक केंद्र बनाने का रोडमैप रखा, तो दूसरी ओर मंच से विकास योजनाओं की लंबी श्रृंखला की घोषणा कर आगामी वर्षों की विकास राजनीति का संकेत भी दे दिया।
मुख्यमंत्री ने जिले के लिए 211 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 38 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। साथ ही शिवपुरी शहर के लिए लगभग 120 करोड़ रुपये की लागत से 14 किलोमीटर लंबी फोरलेन सर्कुलर रोड, 108 फीट ऊंची भगवान शिव की प्रतिमा के साथ टूरिज्म सेंटर, सुभाषपुरा को नई तहसील, खोड़ में शासकीय महाविद्यालय, वीरा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, जिला अस्पताल में 200 बिस्तरों के बाल चिकित्सालय और कोलारस में नए सांदीपनि विद्यालय जैसी घोषणाएं कर विकास का नया खाका प्रस्तुत किया।

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इसे केवल उद्योग नहीं बल्कि “भारत की नई ताकत” का प्रतीक बताते हुए कहा कि भोपाल ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में किए गए निवेश वादे अब धरातल पर उतरने लगे हैं। उन्होंने कहा कि शिवपुरी अब केवल ऐतिहासिक और पर्यटन नगरी नहीं रहेगा, बल्कि देश के रक्षा उत्पादन मानचित्र पर भी अपनी मजबूत पहचान बनाएगा।
कार्यक्रम में अदाणी समूह के प्रतिनिधियों ने दावा किया कि मध्यप्रदेश तेजी से देश की नई औद्योगिक ग्रोथ स्टोरी बन रहा है और शिवपुरी का यह डिफेंस प्लांट भविष्य में भारत की रक्षा आपूर्ति श्रृंखला का महत्वपूर्ण केंद्र सिद्ध होगा।
हालांकि अब सबसे बड़ी चुनौती इस ऐतिहासिक घोषणा को समयबद्ध तरीके से जमीन पर उतारने की होगी। रोजगार, निवेश और रक्षा उत्पादन के जो बड़े दावे मंच से किए गए हैं, उनकी वास्तविक सफलता आने वाले वर्षों में परियोजना की प्रगति और स्थानीय युवाओं को मिलने वाले अवसरों से तय होगी। यदि ये दावे पूरे हुए, तो शिवपुरी केवल मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के रक्षा उद्योग की नई राजधानी के रूप में भी अपनी पहचान बना सकता है।
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