राशन दुकानों से लेकर पेट्रोल पंप और एलपीजी एजेंसियों तक प्रशासन का शिकंजा, गड़बड़ी पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई

राशन की नई दर सूची जारी, मूल्य सूची, स्टॉक और समय का प्रदर्शन अनिवार्य; अधिक वसूली या जानकारी छिपाने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत होगी कार्रवाई।
शिवपुरी। जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने और उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए जिला प्रशासन ने राशन दुकानों के साथ-साथ पेट्रोल पंपों और एलपीजी गैस एजेंसियों पर भी सख्ती बढ़ा दी है। कलेक्टर (खाद्य शाखा) के निर्देश पर जिला आपूर्ति अधिकारी द्वारा जारी प्रेसनोट में राशन वितरण की निर्धारित मात्रा एवं दरों को सार्वजनिक करते हुए स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि किसी भी प्रकार की अनियमितता, अधिक वसूली या नियमों की अनदेखी पर आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जारी आदेश के अनुसार प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत प्राथमिक परिवारों को प्रति सदस्य 4 किलो गेहूं एवं 1 किलो फोर्टिफाइड चावल निःशुल्क मिलेगा। इसके अलावा प्रति परिवार 1 किलो नमक ₹1 प्रति किलो तथा 1 किलो शक्कर ₹20 प्रति किलो की निर्धारित दर पर उपलब्ध कराई जाएगी।
अंत्योदय परिवारों को 30 किलो गेहूं एवं 5 किलो फोर्टिफाइड चावल निःशुल्क दिया जाएगा। साथ ही 1 किलो नमक ₹1 प्रति किलो तथा 1 किलो शक्कर ₹20 प्रति किलो की दर से वितरित की जाएगी।
छात्रावासों के विद्यार्थियों को 12 किलो गेहूं एवं 3 किलो चावल ₹1 प्रति किलो मिलेगा। वहीं मध्याह्न भोजन योजना एवं आईसीडीएस के लिए गेहूं-चावल निःशुल्क तथा दीनदयाल रसोई योजना में भोजन ₹5 प्रति थाली निर्धारित किया गया है।
प्रेसनोट में केवल राशन दुकानों ही नहीं, बल्कि सभी पेट्रोल पंप एवं एलपीजी गैस एजेंसी संचालकों को भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने प्रतिष्ठानों पर मूल्य सूची, स्टॉक की उपलब्धता तथा प्रतिष्ठान के खुलने और बंद होने का समय प्रमुखता से प्रदर्शित करें। यदि निरीक्षण के दौरान यह जानकारी प्रदर्शित नहीं मिली या नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो संबंधित संचालकों के विरुद्ध भी आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी उचित मूल्य दुकान, पेट्रोल पंप या एलपीजी एजेंसी पर निर्धारित दर से अधिक राशि वसूली जाए, स्टॉक छिपाया जाए, कम मात्रा दी जाए या मूल्य सूची प्रदर्शित न हो, तो वे तत्काल जिला एवं ब्लॉक स्तरीय आपूर्ति अधिकारियों को शिकायत करें। इसके लिए संबंधित अधिकारियों के मोबाइल नंबर भी सार्वजनिक किए गए हैं।
जिला प्रशासन का कहना है कि गरीबों के राशन, उपभोक्ताओं के अधिकार और आवश्यक वस्तुओं की पारदर्शी उपलब्धता से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब राशन दुकानों से लेकर पेट्रोल पंप और एलपीजी एजेंसियों तक नियमों की अनदेखी करने वालों पर प्रशासन की सीधी नजर रहेगी।
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