अब ‘मर्जी की छुट्टी’ बंद! कलेक्टर का सख्त फरमान — बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ा तो कटेगा वेतन”

ऑफिस छोड़कर गायब रहने वाले अफसर-कर्मचारियों पर शिकंजा, 27 अप्रैल के आदेश से मचा हड़कंप
शिवपुरी/ जिले में अफसरों और कर्मचारियों की मनमानी छुट्टियों पर आखिरकार प्रशासन ने लगाम कस दी है। 27 अप्रैल 2026 को कलेक्टर कार्यालय से जारी एक सख्त आदेश ने पूरे सरकारी महकमे में खलबली मचा दी है। अब साफ कर दिया गया है कि बिना कलेक्टर की अनुमति कोई भी अधिकारी-कर्मचारी न तो अवकाश पर जा सकेगा और न ही मुख्यालय छोड़ सकेगा।
“ऑफिस गायब, काम ठप” — शिकायतों के बाद एक्शन
कलेक्टर के आदेश में साफ तौर पर कहा गया है कि लगातार यह देखने में आ रहा था कि
कई अधिकारी-कर्मचारी बिना सूचना के कार्यालय छोड़ देते हैं
मुख्यालय से बाहर रहते हैं
और इसका सीधा असर शासकीय कार्यों पर पड़ रहा है
यानी जनता भटकती रही, फाइलें अटकी रहीं और जिम्मेदार कुर्सियां खाली छोड़कर नदारद रहे।
अब सीधा वार — “छुट्टी ली तो पहले परमिशन”
नए आदेश के मुताबिक: कोई भी अधिकारी या कर्मचारी बिना पूर्व अनुमति अवकाश पर नहीं जाएगा मुख्यालय छोड़ने से पहले भी कलेक्टर की मंजूरी अनिवार्य होगी
“जेब पर पड़ेगा डंडा” — वेतन कटौती की चेतावनी
अगर इसके बावजूद कोई नियम तोड़ता है, तो कार्रवाई भी तय है:
बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर एक दिन का वेतन काटा जाएगा
यानी अब लापरवाही सीधे जेब पर भारी पड़ेगी।
सिस्टम में हड़कंप, ‘आदत’ बदलने की चुनौती
इस आदेश के बाद सरकारी दफ्तरों में हलचल तेज हो गई है। जिन अधिकारियों की “आना-जाना अपने हिसाब से” वाली आदत बन चुकी थी, अब उन्हें हिसाब देना होगा।
जनता को राहत या सिर्फ कागजी सख्ती?
अब बड़ा सवाल यही है—क्या इस आदेश से सच में दफ्तरों में अफसर मिलेंगे?
या फिर यह फरमान भी कुछ दिनों में फाइलों की धूल बन जाएगा?
फिलहाल संदेश साफ है —
“अब मनमानी नहीं चलेगी, वरना वेतन कटेगा!”
Live Cricket Info






