अग्निकांड रोकने प्रशासन सख्त, होटल-अस्पतालों पर होगी फायर सेफ्टी की जांच

- कलेक्टर अर्पित वर्मा ने गठित किए विशेष निरीक्षण दल, नियमों की अनदेखी पर होगी कार्रवाई
शिवपुरी। जिले में संभावित अग्नि दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी अर्पित वर्मा ने जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारियों (राजस्व), जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों तथा नगरीय निकायों के मुख्य नगरपालिका अधिकारियों को फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा और निरीक्षण के निर्देश जारी किए हैं।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि शासन द्वारा निर्धारित अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए तथा जिन संस्थानों को फायर सेफ्टी प्रमाण पत्र प्राप्त करना अनिवार्य है, वहां नियमों के अनुरूप व्यवस्थाएं विकसित कराई जाएं।
अस्पताल, होटल, मॉल और मैरिज गार्डन रहेंगे जांच के दायरे में
जिला प्रशासन द्वारा गठित विशेष निरीक्षण दल जिले के अस्पतालों, होटलों, शॉपिंग कॉम्प्लेक्सों, मॉल, मल्टीप्लेक्स, सिनेमा हॉल, मैरिज गार्डन, रेस्टोरेंट, पार्किंग स्थलों सहित अन्य सार्वजनिक उपयोग के परिसरों का आकस्मिक निरीक्षण करेगा। निरीक्षण के दौरान अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, आपातकालीन निकास मार्ग, सुरक्षा मानकों एवं फायर सेफ्टी प्रमाण पत्रों की जांच की जाएगी।
एसडीएम होंगे नोडल अधिकारी
कलेक्टर के निर्देशानुसार प्रत्येक अनुभाग में संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। नगरीय क्षेत्रों में मुख्य नगरपालिका अधिकारी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहायक नोडल अधिकारी के रूप में कार्य करेंगे।
निरीक्षण दल में तहसीलदार, थाना प्रभारी, लोक निर्माण विभाग के उपयंत्री तथा संबंधित निकायों एवं जनपद पंचायतों के उपयंत्री भी सदस्य के रूप में शामिल रहेंगे।
किन भवनों पर लागू होंगे फायर सेफ्टी नियम
राष्ट्रीय भवन संहिता (NBC) के अनुसार 15 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले भवन, एक तल पर 500 वर्गमीटर से अधिक निर्मित क्षेत्रफल वाले परिसर तथा 20 से अधिक बिस्तरों वाले अस्पताल और होटल अनिवार्य रूप से अग्नि सुरक्षा मानकों के दायरे में आते हैं। ऐसे सभी भवनों में निर्धारित सुरक्षा उपायों का पालन करना आवश्यक होगा।
प्रमाण पत्र लेने के लिए किया जाएगा प्रेरित
निरीक्षण दल केवल जांच ही नहीं करेगा, बल्कि संबंधित भवन संचालकों, व्यापारियों एवं संस्थान प्रमुखों को फायर सेफ्टी प्रमाण पत्र प्राप्त करने और आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएं विकसित करने के लिए भी मार्गदर्शन देगा।
कलेक्टर का आमजन से स्पष्ट संदेश :-
कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा है कि जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की लापरवाही से जनहानि की स्थिति निर्मित न हो, इसके लिए फायर सेफ्टी मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य दंडात्मक कार्रवाई से अधिक दुर्घटनाओं की रोकथाम और सुरक्षित वातावरण का निर्माण करना है।
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