अमोला में गुटखा फैक्ट्री पर छापा: डूब क्षेत्र में ‘जहर का कारोबार’, शिवपुरी से ख़तौरा तक फैले नेटवर्क की आशंका !


गुटखा कांड मे बड़ा धमाका: फर्म कही,G S T कही….करैरा मे “फर्जीबाड़े का किला” हुआ !
“डबल एड्रेस का खेल …कानून को खुली चुनौती —–!
शिवपुरी। मड़ीखेड़ा डैम के डूब क्षेत्र से विस्थापित लोगों के लिए बसाए गए अमोला क्रमांक-2 में जो होना था, वह नहीं हुआ… बल्कि वहां चुपचाप ‘जहर’ तैयार किया जा रहा था। प्रशासन की अचानक छापेमारी ने उस सच को उजागर कर दिया, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी शुक्रवार दोपहर करैरा एसडीएम अनुराग निगवाल और एसडीओपी आयुष जाखड़ की संयुक्त टीम ने नया अमोला में एक अवैध गुटखा फैक्ट्री पर दबिश दी। अंदर का मंजर चौंकाने वाला था—चारों तरफ तैयार गुटखा पाउच, कच्चा माल और पैकिंग का पूरा सेटअप… मानो कोई मिनी इंडस्ट्री चल रही हो।
दो साल से ‘अंडरग्राउंड’ चल रहा था गुठखा फैक्ट्री का कारोबार !
सूत्र बताते हैं कि यह फैक्ट्री कोई नई नहीं, बल्कि पिछले करीब दो साल से दिन-रात धड़ल्ले से चल रही थी। लोकेशन भी ऐसी चुनी गई, जहां नजरें कम पड़ें—सिरसौद तिराहे के पास कंथरिया पेट्रोल पंप के नजदीक जिस भवन में यह खेल चल रहा था, उसे कथित तौर पर जनपद सदस्य के पति जितेंद्र वैश्य से करीब 30 हजार रुपए महीने किराए पर लिया गया था। अब सवाल यह है कि इतने बड़े स्तर पर चल रहे कारोबार की भनक आखिर किसे थी और किसे नहीं?
नकली गुटखा बनाने का खेल सिर्फ अमोला नहीं… पूरा नेटवर्क सक्रिय!
जांच यहीं खत्म नहीं होती। सूत्रों का दावा है कि यही ‘मॉडल’ शिवपुरी के बड़ौदी इलाके और कोलारस के ख़तौरा तक फैला हुआ है। वहां भी बड़े भवनों में इसी तरह की गुटखा फैक्ट्रियां संचालित होने की बात सामने आ रही है इन ठिकानों पर ‘लहर’ और ‘पहेली’ नाम से गुटखा तैयार कर बड़े पैमाने पर पैकिंग की जा रही है और पिकअप वाहनों के जरिए रोजाना सप्लाई हो रही है—सिर्फ जिले में ही नहीं, बल्कि दूसरे राज्यों तक।
“डबल एड्रेस का खेल–कनून् को खुली चुनौती!
सूत्रों की माने तो अलग अलग पतो का इस्तेमाल कोई छोटी चाल नही, बल्कि पूरी योजना के तहवत रचा गया खेल है। इस तकनीक के जरिये नियमो को दरकिनार कर अबैध उत्पादान और सप्लाई को अंजाम दिया जा रहा था यह खुलासा साफ कर रहा है की यह मामला सिर्फ एक फैक्ट्री का नही,बल्कि फर्जी दस्ताबेजो की दम पर खड़ा एक बड़ा नेटवर्क का संचालन है।
गुटखा फैक्ट्री के खिलाड़ी खेल रहे है रोज 50 लाख का खेल!
सबसे चौंकाने वाला आंकड़ा—इस अवैध कारोबार से हर दिन करीब 50 लाख रुपए का गुटखा सप्लाई होने की बात सामने आ रही है।
खरई बैरियर पर जीएसटी चेकपोस्ट बंद होने के बाद इस नेटवर्क को मानो खुली छूट मिल गई है, जिसका फायदा उठाकर कारोबारी बेखौफ कारोबार चला रहे हैं।
गुटखा फैक्ट्री ओर छपामारी होने कर बाद प्रशासन की जांच की सुई गोदाम कनेक्शन को भी जांच के दायरे में लेने की कर रहा है बात।
सूत्रों के मुताबिक सिरसौद तिराहे के पास एक गोदाम में भी इसी तरह की गतिविधियां संचालित होने की जानकारी मिली है। प्रशासन अब इस एंगल को भी खंगाल रहा है, जिससे पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके।
गुटखा फैक्ट्री मे हुई छपामारी मे मिले गुटखे असली है या नकली? सैंपल जांच से खुलेगा राज ?
जब्त गुटखा असली है या नकली—इसकी पुष्टि फिलहाल नहीं हो पाई है। सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद कई बड़े खुलासे संभव हैं।
छपामार कार्रवाही की घूमती सुई अब अगला निशाना—बड़ौदी और ख़तौरा!
अमोला में हुई कार्रवाई ने साफ संकेत दे दिया है कि अब प्रशासन सख्ती के मूड में है। लेकिन असली परीक्षा तब होगी, जब इसी तरह की कार्रवाई शिवपुरी के बड़ौदी और ख़तौरा में भी की जाएगी, जहां बड़े स्तर पर गुटखा निर्माण की चर्चा है।
‘विस्थापन की बस्ती’ में पनपा अवैध साम्राज्य!
अमोला की यह घटना सिर्फ एक फैक्ट्री पर छापा नहीं, बल्कि उस सिस्टम पर सवाल है जहां विस्थापितों की बस्तियों में अवैध कारोबार जड़ें जमा लेते हैं।
अब देखना यह है कि प्रशासन इस ‘गुटखा नेटवर्क’ की जड़ों तक पहुंच पाता है या फिर यह मामला भी कुछ दिनों की हलचल बनकर रह जाएगा…!
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