कलेक्टर अर्पित वर्मा का ‘सरप्राइज स्ट्राइक’… कृषि विभाग में मची हलचल!


शिवपुरी। जिले के किसानों से जुड़े कृषि संस्थानों की हकीकत जानने के लिए कलेक्टर अर्पित वर्मा ने गुरुवार को कोलारस और रन्नौद में अचानक निरीक्षण कर पूरे महकमे में हलचल मचा दी। मृदा परीक्षण केंद्र, एसडीओ (कृषि) कार्यालय और बीज प्रक्रिया केंद्र का बारीकी से निरीक्षण करते हुए उन्होंने रिकॉर्ड, मशीनों, बीजों की गुणवत्ता, कर्मचारियों की उपस्थिति और कार्यप्रणाली की परत-दर-परत पड़ताल की। अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई अब किसी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान उप संचालक कृषि मुनेश शाक्य सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
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मृदा परीक्षण केंद्र में रिकॉर्ड और मशीनों की गहन जांच
कोलारस स्थित मृदा परीक्षण केंद्र पहुंचते ही कलेक्टर ने मशीनों की कार्यक्षमता, रखरखाव और तकनीकी संचालन का बारीकी से परीक्षण कराया। उन्होंने निर्देश दिए कि किसानों की मिट्टी की जांच समय पर हो और रिपोर्ट में किसी प्रकार की देरी न हो। रिकॉर्ड संधारण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के साथ-साथ कार्यालय परिसर की साफ-सफाई और भवन की आवश्यक मरम्मत को भी प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए।
एसडीओ कार्यालय में हाजिरी रजिस्टर तक देखा, दिए सख्त निर्देश
एसडीओ (कृषि) कार्यालय के निरीक्षण में कलेक्टर ने कर्मचारियों की उपस्थिति पंजी स्वयं देखी और समयपालन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सभी महत्वपूर्ण फाइलें और दस्तावेज व्यवस्थित रूप से सुरक्षित रखे जाएं, ताकि किसी भी कार्य में अनावश्यक देरी या अव्यवस्था की गुंजाइश न रहे।
बीज प्रक्रिया केंद्र में गुणवत्ता पर जीरो टॉलरेंस
रन्नौद स्थित शासकीय कृषि प्रक्षेत्र के बीज प्रक्रिया केंद्र में कलेक्टर ने बीजों की सफाई, ग्रेडिंग, भंडारण और वितरण व्यवस्था का विस्तृत निरीक्षण किया। अधिकारियों से भंडारण क्षमता और किसानों तक बीज पहुंचाने की व्यवस्था की जानकारी लेते हुए उन्होंने दो टूक कहा कि किसानों को मिलने वाले बीजों की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होगा। उन्होंने पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के निर्देश दिए।
साफ संदेश— किसान पहले, लापरवाही बिल्कुल नहीं
निरीक्षण के अंत में कलेक्टर अर्पित वर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कृषि विभाग के सभी संस्थान किसानों की सेवा के लिए हैं, इसलिए कार्य में लापरवाही या उदासीनता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध कार्यसंस्कृति अपनाकर किसानों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं, जिससे कृषि विकास को नई गति मिल सके।
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