कलेक्टर अर्पित वर्मा का बड़ा एक्शन:

आदिवासियों की जमीन हड़पने वालों पर चला कानून का डंडा, कब्जा हटवाकर लौटाई 2.52 हेक्टेयर भूमि, ₹25 हजार का जुर्माना
शिवपुरी। जिले में अवैध कब्जों के खिलाफ कलेक्टर अर्पित वर्मा का सख्त रुख एक बार फिर देखने को मिला। जनसुनवाई में पहुंचे आदिवासी परिवारों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने तत्काल राजस्व अमले को कार्रवाई के निर्देश दिए। नतीजा यह रहा कि आदिवासी किसानों की 2.52 हेक्टेयर भूमि अवैध कब्जे से मुक्त कराकर उन्हें विधिवत वापस सौंप दी गई, जबकि कब्जाधारी पर ₹25 हजार का अर्थदंड भी लगाया गया।
कलेक्टर के स्पष्ट निर्देश हैं कि जिले में किसी भी गरीब, किसान या आदिवासी की जमीन पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी नीति के तहत राजस्व विभाग लगातार अभियान चलाकर अतिक्रमणकारियों पर शिकंजा कस रहा है।

ग्राम हातोद निवासी कला, शीला और सुनील आदिवासी ने शिकायत की थी कि ग्राम हरनगर स्थित उनकी भूमि के सर्वे क्रमांक 330/2, 471, 476 एवं 559, कुल 2.5200 हेक्टेयर पर सिमरपाल सिंह एवं प्रतिपाल सिंह ने अवैध कब्जा कर रखा है। पीड़ित परिवार ने जनसुनवाई में अपनी व्यथा सुनाई, जिसके बाद कलेक्टर ने मामले में तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए।
राजस्व विभाग ने सीमांकन और मौका जांच कराई। जांच के दौरान कब्जाधारी ने भूमि पर कब्जा होना स्वीकार किया। इसके बाद बेदखली आदेश जारी हुआ और राजस्व टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध कब्जा हटवाते हुए पूरी भूमि का कब्जा वास्तविक भू-स्वामियों को दिला दिया।
कार्रवाई यहीं नहीं रुकी। अवैध कब्जे के मामले में सिमरपाल पुत्र सिंघारा सिंह पर ₹25,000 का अर्थदंड भी अधिरोपित किया गया। इस कार्रवाई से साफ संदेश गया है कि जिले में अब जमीन पर कब्जा करने वालों के लिए कानून से बच निकलना आसान नहीं होगा।
संदेश साफ
कलेक्टर अर्पित वर्मा का रुख स्पष्ट है—गरीब, किसान और आदिवासी के हक पर डाका डालने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। शिकायत सही मिली तो राजस्व अमला मौके पर पहुंचेगा, कब्जा हटेगा और दोषियों पर आर्थिक दंड सहित कानूनी कार्रवाई भी होगी।
Live Cricket Info








