48 घंटे में गूंजा कलेक्टर का एक्शन… 50 साल से बंद जनरास्ते पर चला प्रशासन का डंडा!

- अतिक्रमणकारियों की ‘दादागिरी’ ध्वस्त, चकरामपुर में 300 मीटर लंबा सार्वजनिक रास्ता हुआ बहाल
जनसुनवाई में उठी आवाज, कलेक्टर अर्पित वर्मा ने दिखाई सख्ती; राजस्व-पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से ग्रामीणों को मिली बड़ी राहत 
- शिवपुरी। जनसुनवाई में उठी एक शिकायत ने चकरामपुर में वर्षों से जमे अवैध अतिक्रमण पर प्रशासन का ऐसा प्रहार कराया कि 50 साल पुराने सार्वजनिक रास्ते पर लगा अवरोध कुछ ही समय में इतिहास बन गया। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा के सख्त निर्देशों के बाद राजस्व और पुलिस का संयुक्त अमला मौके पर पहुंचा और अवरुद्ध पड़े जनमार्ग को बहाल कर ग्रामीणों को राहत दिलाई।
ग्रामीणों ने जनसुनवाई में बताया था कि रावतपुरा स्कूल रोड से बड़ोनियापुरा मजरा तक जाने वाले सार्वजनिक रास्ते पर पत्थर और बोल्डर डालकर आवागमन रोक दिया गया था। इससे स्कूली बच्चों, किसानों और आम ग्रामीणों को रोजाना भारी परेशानी उठानी पड़ रही थी।
शिकायत मिलते ही कलेक्टर श्री वर्मा ने नरवर तहसीलदार विजय कुमार त्यागी को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। आदेश के बाद राजस्व और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और अवरोध हटाकर करीब 300 मीटर लंबे तथा 15 फीट चौड़े सार्वजनिक रास्ते को दोबारा चालू करा दिया।
इस कार्रवाई ने स्पष्ट संदेश दिया कि सार्वजनिक रास्तों पर अवैध कब्जा या जनसुविधाओं में बाधा डालने वालों के प्रति जिला प्रशासन अब किसी प्रकार की नरमी बरतने के मूड में नहीं है। जनसुनवाई में आने वाली शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई कर प्रशासन यह साबित कर रहा है कि जनता की आवाज अब सीधे कार्रवाई तक पहुंच रही है।
रास्ता खुलने के बाद ग्रामीणों ने जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों से जिस मार्ग के लिए वे भटक रहे थे, वह कलेक्टर अर्पित वर्मा के हस्तक्षेप के बाद महज 48 घंटे में बहाल हो गया।
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