शिवपुरी की बेटियों ने प्रदेश में गाड़े सफलता के झंडे, कडोरा लौधी की लल्ली ने विज्ञान मॉडल में पाया दूसरा स्थान

सरकारी स्कूलों की प्रतिभा का प्रदेश में डंका—परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को शील्ड व प्रमाण-पत्र देकर किया सम्मानित
95 मॉडलों में से 14 मॉडल राज्य स्तर तक पहुंचे, 6 ने जोन पार कर प्रदेश में बनाई जगह; शिवपुरी के सरकारी स्कूलों की वैज्ञानिक सोच ने बटोरी वाहवाही
शिवपुरी। प्रतिभा किसी बड़े शहर, महंगे स्कूल या आधुनिक सुविधाओं की मोहताज नहीं होती—यह बात शिवपुरी के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों ने प्रदेश स्तरीय मंच पर साबित कर दिखाई है। विज्ञान, गणित, पर्यावरण एवं सामाजिक विज्ञान में जिले की प्रतिभाओं ने ऐसा प्रदर्शन किया कि शिवपुरी का नाम प्रदेश स्तर पर गौरवान्वित हुआ।
विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के लिए STEM टीम द्वारा आयोजित सत्र 2025-26 की राज्य स्तरीय विज्ञान, गणित, पर्यावरण एवं सामाजिक विज्ञान प्रदर्शनी के लिए शिवपुरी जिले से 95 मॉडल जिला स्तरीय प्रतियोगिता में शामिल हुए। शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-1 शिवपुरी में आयोजित जिला स्तरीय प्रतियोगिता से 14 मॉडल, 2 शॉर्ट प्ले, 2 सेमिनार एवं 2 एकल गीत राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयनित हुए।

इनमें 8 मॉडल करैरा विकासखंड से रहे। डाइट ग्वालियर में आयोजित जोन स्तरीय प्रतियोगिता में शिवपुरी के 6 मॉडल राज्य स्तर के लिए चयनित हुए, जिनमें शासकीय माध्यमिक विद्यालय कडरालौधी के 3, नरई के 2 तथा खनियाधाना विकासखंड के 1 मॉडल शामिल रहे।
नरसिंहपुर में शिवपुरी की प्रतिभाओं ने दिखाई वैज्ञानिक सोच
20 एवं 21 अगस्त 2026 को नरसिंहपुर में आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में शिवपुरी के विद्यार्थियों ने विभिन्न विषयों पर अपने मॉडल प्रस्तुत कर नवाचार और वैज्ञानिक सोच का परिचय दिया।
करैरा विकासखंड के माध्यमिक विद्यालय नरई की कु. साइना जाटव ने इतिहास विषय में प्राचीन एवं आधुनिक शैली एवं पर्यावरण बचाओ विषय पर मॉडल प्रस्तुत किया। कडरालौधी की कु. राधा परिहार ने सौर मंडल, कु. लल्ली लोधी ने आधुनिक सिंचाई प्रणाली तथा कु. सोनिया यादव ने आधुनिक यातायात नियंत्रण प्रणाली पर मॉडल प्रस्तुत किए। वहीं खनियाधाना विकासखंड के माध्यमिक विद्यालय अछरोनी के विवेक सिंह ठाकुर ने Fraction Park मॉडल के माध्यम से अपनी प्रतिभा दिखाई।
लल्ली की उपलब्धि बनी सबसे बड़ा आकर्षण—प्रदेश में दूसरा स्थान
राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में करैरा विकासखंड के शासकीय माध्यमिक विद्यालय कडरालौधी की छात्रा कु. लल्ली लोधी ने आधुनिक सिंचाई प्रणाली के मॉडल में प्रदेश में द्वितीय स्थान प्राप्त कर शिवपुरी का नाम रोशन किया।
लल्ली के मॉडल के मार्गदर्शक शिक्षक प्रताप चंद्र वर्मा एवं श्रीमती ज्योति चौरसिया रहे। ग्रामीण अंचल की इस छात्रा की सफलता ने साबित कर दिया कि अवसर और मार्गदर्शन मिलने पर सरकारी स्कूलों की बेटियां भी प्रदेश स्तर पर अपनी प्रतिभा का परचम लहरा सकती हैं।
मंत्री के हाथों सम्मान ने बढ़ाया गौरव
लल्ली सहित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में चयनित विद्यार्थियों और उनके मार्गदर्शक शिक्षकों की उपलब्धि को प्रदेश स्तर पर सम्मान मिला। मध्यप्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने विद्यार्थियों एवं मार्गदर्शक शिक्षकों को शील्ड एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
यह सम्मान केवल विद्यार्थियों के लिए नहीं, बल्कि उन शिक्षकों के लिए भी गौरव का क्षण रहा, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बीच बच्चों की प्रतिभा को तराशकर उन्हें जिला स्तर से जोन और फिर प्रदेश स्तर तक पहुंचाया।
शिवपुरी की अनुष्का पहले ही बन चुकी हैं राष्ट्रीय स्तर की पहचान
शिवपुरी की यह उपलब्धि पहली बार सामने नहीं आई है। सत्र 2024-25 में शासकीय माध्यमिक विद्यालय नरई की छात्रा कु. अनुष्का पाल टपक सिंचाई मॉडल के साथ राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर चयनित होकर देश के 36 युवा वैज्ञानिकों में स्थान बना चुकी हैं। राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में उनका सम्मान भी हुआ था।
सफलता के पीछे बच्चों के साथ शिक्षकों की मेहनत
विद्यार्थियों की सफलता के पीछे उनके मार्गदर्शक शिक्षकों की मेहनत भी अहम रही। साइना जाटव के मॉडल का मार्गदर्शन पंकज कुमार श्रीवास्तव एवं श्रीमती संतोषी अहिरवार ने किया। अन्य विद्यार्थियों को भी उनके मार्गदर्शक शिक्षकों ने लगातार प्रशिक्षण और दिशा दी।
जिले की इस उपलब्धि पर कलेक्टर अर्पित वर्मा, जिला पंचायत सीईओ विजय राज, जिला शिक्षा अधिकारी आकाश सिंह यादव, डीपीसी देवदार सिंह सिकरवार, एपीसी अकादमिक एवं जिला विज्ञान प्रदर्शनी प्रभारी मुकेश कुमार पाठक, बीईओ मुकेश कुमार शर्मा, बीआरसीसी विनोद कुमार तिवारी तथा बीएसी अनिल कुमार चौरसिया ने विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों को बधाई दी।
सरकारी स्कूलों से निकली यह सफलता एक बड़ा संदेश
शिवपुरी के इन विद्यार्थियों की उपलब्धि सिर्फ पुरस्कार या प्रमाण-पत्र तक सीमित नहीं है। यह सफलता बताती है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के भीतर भी वैज्ञानिक सोच, नवाचार और कुछ नया करने की अद्भुत क्षमता मौजूद है।
शिवपुरी की इन प्रतिभाओं ने मंच पर केवल मॉडल नहीं रखे—उन्होंने प्रदेश के सामने यह साबित किया कि प्रतिभा न शहर देखती है, न स्कूल की इमारत और न संसाधनों की चमक; प्रतिभा को बस अवसर, मेहनत और सही मार्गदर्शन चाहिए।
Live Cricket Info








