डीएमएफ की करोड़ों की राशि से बदलेगी तस्वीर, कलेक्टर वर्मा ने तय की प्राथमिकता—स्कूल और पेयजल सबसे पहले

शिवपुरी। जिला खनिज प्रतिष्ठान मद में उपलब्ध करोड़ों रुपये अब खनन प्रभावित क्षेत्रों और दूरस्थ अंचलों की मूलभूत जरूरतों पर खर्च किए जाएंगे। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने जिला खनिज प्रतिष्ठान समिति की बैठक में स्पष्ट प्राथमिकता तय करते हुए स्कूलों के जीर्णोद्धार और पेयजल को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।
गुरुवार को आयोजित बैठक में कलेक्टर श्री वर्मा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले के ऐसे शासकीय स्कूलों को तत्काल चिन्हित किया जाए, जहां भवन मर
म्मत, अतिरिक्त कक्ष अथवा अन्य बुनियादी निर्माण की आवश्यकता है। इसके साथ ही पेयजल संकट वाले ग्रामीण क्षेत्रों के लिए ऐसी कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है, जिससे लोगों को केवल तात्कालिक राहत नहीं बल्कि स्थायी जलापूर्ति मिल सके।
कलेक्टर की पहल से प्राथमिकताएं हुईं स्पष्ट
कलेक्टर श्री वर्मा ने जनप्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्रों की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप प्रस्ताव देने को कहा। बैठक में लिए गए निर्णयों से यह स्पष्ट किया गया कि डीएमएफ की राशि का उपयोग ऐसे कार्यों में किया जाएगा, जिनका सीधा लाभ आमजन को मिले।
खनिज अधिकारी ने सामने रखी करोड़ों की तस्वीर
जिला खनिज अधिकारी राम सिंह उईके ने बैठक में डीएमएफ की वित्तीय स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2026 में जिला खनिज प्रतिष्ठान मद में 76.51 लाख रुपये प्राप्त हुए हैं, जबकि वर्तमान में इस मद में 6 करोड़ रुपये से अधिक की राशि उपलब्ध है।
यह राशि खनन प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, सड़क और पर्यावरण सुधार जैसे कार्यों पर नियमानुसार खर्च की जाएगी।
अब खनिज मद से विकास को मिलेगी रफ्तार
कलेक्टर की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय प्राथमिकताओं से शिक्षा और पेयजल जैसे बुनियादी क्षेत्रों को सीधे डीएमएफ से जोड़ने की दिशा स्पष्ट हुई है। खासतौर पर दूरस्थ और खनन प्रभावित क्षेत्रों में जहां बुनियादी सुविधाओं की आवश्यकता अधिक है, वहां प्रस्तावों को प्राथमिकता के आधार पर शामिल किया जाएगा।
बैठक में शिवपुरी विधायक देवेंद्र जैन, करैरा विधायक रमेश प्रसाद खटीक, जिला पंचायत अध्यक्ष नेहा अमित यादव, नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा, जिला पंचायत सीईओ विजय राज, जिला खनिज अधिकारी राम सिंह उईके सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर की पहल और खनिज विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों ने अब डीएमएफ की राशि के उपयोग की दिशा तय कर दी है—स्कूल सुधरेंगे, पेयजल व्यवस्था मजबूत होगी और खनन प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को प्राथमिकता मिलेगी।
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