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पट्टे की जमीन बेचने का खेल पड़ा भारी, कलेक्टर ने छीनी जमीन; अब कब्जाधारियों की बेदखली

नरवर में शासकीय पट्टे की एक हेक्टेयर भूमि फिर शासन के नाम — बिना अनुमति बिक्री पर कलेक्टर न्यायालय का सख्त फैसला

शिवपुरी।शासकीय पट्टे की जमीन को निजी संपत्ति समझकर बेच देना अब भारी पड़ सकता है। नरवर तहसील के ग्राम अमरपुर में शासकीय पट्टे पर मिली एक हेक्टेयर भूमि को बिना सक्षम अनुमति बेचने के पुराने मामले में कलेक्टर न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए जमीन को पुनः मध्यप्रदेश शासन के नाम दर्ज करने और वर्तमान कब्जाधारियों को बेदखल करने के आदेश दिए हैं।

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मामला ग्राम अमरपुर के सर्वे क्रमांक 448/1 और 462/5 से जुड़ा है। दोनों सर्वे नंबरों की 0.50-0.50 हेक्टेयर, कुल 1.00 हेक्टेयर भूमि वर्ष 1983-84 में गोकलिया को शासकीय पट्टे पर आवंटित की गई थी। इसके बाद वर्ष 2006 में इस भूमि का विक्रय साबो बाई के पक्ष में कर दिया गया। पट्टे की भूमि के इस हस्तांतरण को लेकर परिवार के ही लच्छो बाई व अन्य ने आपत्ति उठाई और मामला न्यायालय तक पहुंचा।

कलेक्टर न्यायालय ने साफ किया—पट्टा मिला है तो मनमानी बिक्री का अधिकार नहीं

मामले की सुनवाई के दौरान सामने आया कि शासकीय पट्टे की भूमि के हस्तांतरण के लिए आवश्यक कलेक्टर की लिखित अनुमति प्राप्त नहीं की गई थी। इसी आधार पर कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने प्रकरण में वैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन पाए जाने पर भूमि को शासन के पक्ष में वापस दर्ज करने का आदेश दिया।

यह फैसला उन लोगों के लिए भी स्पष्ट संदेश माना जा सकता है जो शासकीय पट्टे की भूमि को सामान्य निजी भूमि मानकर उसके क्रय-विक्रय अथवा हस्तांतरण का प्रयास करते हैं।

अब राजस्व रिकॉर्ड में फिर सरकार का नाम, कब्जे पर भी कार्रवाई

कलेक्टर न्यायालय ने तहसीलदार नरवर को निर्देश दिए हैं कि अमरपुर स्थित उक्त एक हेक्टेयर भूमि को मध्यप्रदेश शासन के नाम राजस्व अभिलेख में दर्ज किया जाए। साथ ही भूमि पर मौजूद संबंधित कब्जाधारियों के विरुद्ध मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता, 1959 के प्रावधानों के तहत बेदखली की कार्रवाई कर जमीन शासन के पक्ष में सुरक्षित की जाए।

करीब दो दशक पुराने इस भूमि हस्तांतरण विवाद में कलेक्टर न्यायालय का आदेश अब राजस्व अमले के लिए भी परीक्षा की घड़ी है कि आदेश केवल कागजों तक सीमित रहता है या वास्तव में सरकारी जमीन को कब्जे से मुक्त कराकर शासन के रिकॉर्ड और कब्जे में वापस लिया जाता है।

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संजीव पुरोहित

मैं संजीव पुरोहित, शिवपुरी (मध्य प्रदेश) से हूँ और शिवपुरी मेल का चीफ एडिटर हूँ। मेरा उद्देश्य स्थानीय और जनहित से जुड़ी सच्ची, निष्पक्ष व ज़मीनी खबरें आप तक पहुँचाना है। ताज़ा अपडेट के लिए Telegram और WhatsApp पर हमारे साथ जुड़ें।

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