कलेक्टर अर्पित वर्मा की सतत मॉनिटरिंग, टैंकरों और वैकल्पिक जल स्रोतों से आमजन को राहत पहुंचाने के प्रयास तेज


हर घर तक पानी पहुंचाने की कवायद, कलेक्टर की निगरानी में युद्धस्तर पर काम
मड़ीखेड़ा पंपिंग स्टेशन की तकनीकी समस्या के बावजूद वैकल्पिक व्यवस्थाओं से आमजन को राहत
शिवपुरी। भीषण गर्मी और बढ़ती पेयजल मांग के बीच शिवपुरी शहर में उत्पन्न जल संकट से निपटने के लिए जिला प्रशासन युद्धस्तर पर कार्य कर रहा है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के नेतृत्व में प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी, प्रभावी समन्वय और त्वरित निर्णयों के माध्यम से पेयजल व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मड़ीखेड़ा पंपिंग स्टेशन की मोटर में तकनीकी खराबी आने के बाद उत्पन्न परिस्थितियों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर श्री वर्मा ने जनप्रतिनिधियों, नगर पालिका अधिकारियों एवं संबंधित विभागों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में नागरिकों को राहत पहुंचाने तथा जलापूर्ति व्यवस्था को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
नोडल अधिकारी नियुक्त, बढ़ी निगरानी
पेयजल व्यवस्था की सतत निगरानी एवं प्रभावी संचालन के लिए कलेक्टर ने अपर कलेक्टर दिनेश शुक्ला को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। इसके साथ ही वार्डवार निरीक्षण, समन्वय और त्वरित समस्या समाधान के लिए विभिन्न अधिकारियों की जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं।

वैकल्पिक जल स्रोतों से राहत
जल संकट की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने वैकल्पिक जल स्रोतों की व्यवस्था सुनिश्चित की है। निजी नलकूपों का अधिग्रहण कर उन्हें पेयजल आपूर्ति से जोड़ा गया है, वहीं 24 एवं 25 हजार लीटर क्षमता वाले बड़े टैंकरों सहित 28 से अधिक टैंकरों के माध्यम से शहर के विभिन्न वार्डों और प्रभावित क्षेत्रों में नियमित जलापूर्ति की जा रही है।
सीएमओ ने किया मैदानी निरीक्षण
नगर पालिका परिषद शिवपुरी के मुख्य नगर पालिका अधिकारी इशांक धाकड़ ने विभिन्न वार्डों का भ्रमण कर टैंकरों के माध्यम से की जा रही जलापूर्ति का निरीक्षण किया। उन्होंने वार्ड क्रमांक 7 की शिव कॉलोनी सहित अन्य प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर नागरिकों से चर्चा की और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
कब्जामुक्त कराए गए शासकीय बोर
निरीक्षण के दौरान वार्ड क्रमांक 29 एवं 30 में एक शासकीय बोरवेल निजी कब्जे में पाया गया। कलेक्टर के निर्देश पर नगर पालिका ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बोरवेल को कब्जामुक्त कराया और उसे जनहित में पेयजल व्यवस्था से जोड़ दिया। इसके अतिरिक्त शहर के दो अन्य शासकीय बोर भी मुक्त कराकर आम नागरिकों के उपयोग के लिए उपलब्ध कराए गए हैं।
अवैध कब्जों पर होगी सख्त कार्रवाई
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय जल स्रोतों पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर सहित कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
हर घर तक पानी पहुंचाना प्राथमिकता
कलेक्टर अर्पित वर्मा स्वयं लगातार पेयजल व्यवस्था की समीक्षा कर रहे हैं और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे हैं। जिला प्रशासन ने शहरवासियों को भरोसा दिलाया है कि पेयजल व्यवस्था में निरंतर सुधार किया जा रहा है तथा हर घर तक पर्याप्त पानी पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
जनहित, संवेदनशीलता और त्वरित निर्णयों के समन्वय से जिला प्रशासन जल संकट की चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटने का प्रयास कर रहा है।
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