कलेक्टर का ‘एक्शन मोड’… पिछोर-खनियाधाना में औचक छापे, खाद केंद्र से गौशाला तक खंगाली व्यवस्थाएं

चारागाह पर अवैध कब्जे पर सख्ती, स्कूलों में पढ़ाई परखी, छात्राओं से सीधे संवाद; बोले— लापरवाही किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं
शिवपुरी, । मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत शुक्रवार को कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा पूरे एक्शन मोड में नजर आए। पिछोर और खनियाधाना क्षेत्र में बिना पूर्व सूचना पहुंचे कलेक्टर ने खाद वितरण केंद्र, शासकीय विद्यालयों, कन्या छात्रावास, गौशाला और निर्माणाधीन भवनों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर अधिकारियों को मौके पर ही फटकार लगाते हुए स्पष्ट कर दिया कि सरकारी योजनाओं में लापरवाही, घटिया व्यवस्थाएं और शासकीय जमीन पर कब्जा अब किसी भी हाल में नहीं चलेगा।
खाद केंद्र पर किसानों से सीधी बात, पारदर्शी वितरण के आदेश
पिछोर खाद वितरण केंद्र पहुंचकर कलेक्टर ने उर्वरक के स्टॉक, वितरण रजिस्टर और पर्चियों की जांच की। किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर पात्र किसान को समय पर और बिना किसी भेदभाव के खाद उपलब्ध कराई जाए।

स्कूलों में पहुंचे तो कक्षाओं में ही शुरू कर दी पड़ताल
खनियाधाना के शासकीय माध्यमिक विद्यालय दवियाकलां में कलेक्टर सीधे कक्षाओं में पहुंचे। विद्यार्थियों से सवाल पूछे, पढ़ाई का स्तर जांचा, मध्याह्न भोजन, स्वच्छता और उपस्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने शिक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विद्यालयों में केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिखाई देनी चाहिए।
निर्माण कार्यों पर भी सख्त नजर
सांदीपनि विद्यालय में वोकेशनल कक्षाओं का निरीक्षण करने के बाद निर्माणाधीन भवन का जायजा लिया। गुणवत्ता और समय-सीमा को लेकर अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि निर्माण में लापरवाही या घटिया सामग्री की शिकायत मिली तो जिम्मेदारों पर सीधी कार्रवाई होगी।
चारागाह पर अवैध खेती देख कड़ा रुख
दवियाकलां गौशाला में निरीक्षण के दौरान चारागाह की शासकीय भूमि पर अवैध खेती का मामला सामने आया। कलेक्टर ने तत्काल राजस्व अधिकारियों को अतिक्रमण हटाने, दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई करने और गौवंश के लिए चारागाह भूमि तत्काल मुक्त कराने के निर्देश दिए।
छात्रावास में छात्राओं से पूछा— कोई परेशानी तो नहीं?
खनियाधाना स्थित अनुसूचित जाति सीनियर एवं उत्कृष्ट कन्या छात्रावास में कलेक्टर ने भोजन, रसोई, स्वच्छता और आवासीय व्यवस्थाओं की गहन जांच की। छात्राओं से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को तत्काल समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए
कलेक्टर का प्रशासनिक ढांचे को स्पष्ट संदेश है की लापरवाहिया बिल्कुल बर्दाश्त नही की जायेगी।
निरीक्षण के अंत में कलेक्टर अर्पित वर्मा ने स्पष्ट कहा कि जनसेवा में लापरवाही, खाद वितरण में अनियमितता, शिक्षा व्यवस्था में ढिलाई और शासकीय संपत्तियों पर अवैध कब्जा किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान का उद्देश्य केवल निरीक्षण नहीं, बल्कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ पहुंचाना है।
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