खनियाधाना में उद्योग की नई दस्तक, कलेक्टर वर्मा की औचक नजर!

अक्षत फूड ऑयल मिल पहुंचकर जानी हकीकत—मूंगफली-सरसों से तेल, स्थानीय उपज को बाजार और युवाओं को रोजगार की उम्मीद; एमएसएमई योजना से मिलेगा उद्योग को संबल
शिवपुरी/खनियाधाना। खनियाधाना जैसे अंचल में उद्योगों की संभावनाओं को जमीन पर परखने के लिए कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने ‘मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान’ के तहत आयोजित उद्यम संवाद कार्यक्रम के दौरान नई स्थापित अक्षत फूड ऑयल मिल का औचक निरीक्षण किया। कलेक्टर के अचानक पहुंचने से उद्योग संचालन से जुड़े अधिकारियों और संचालक के बीच हलचल नजर आई तो वहीं निरीक्षण का फोकस केवल मशीनें देखने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यूनिट की कार्यप्रणाली, गुणवत्ता, सुरक्षा और स्थानीय स्तर पर रोजगार व आर्थिक गतिविधियों की संभावनाओं को भी परखा गया। निरीक्षण के दौरान उद्योग विभाग के महाप्रबंधक अजय तिवारी भी मौजूद रहे।
राजेश जैन द्वारा संचालित इस नई इकाई में आधुनिक तकनीक और उच्च गुणवत्ता वाली मशीनरी स्थापित की गई है। यहां मुख्य रूप से मूंगफली और सरसों से तेल तैयार कर उसकी पैकेजिंग और ब्रांडिंग यूनिट स्तर पर करने की योजना है, जिससे क्षेत्र के किसानों की उपज को स्थानीय स्तर पर ही प्रसंस्करण और बाजार मिल सकेगा। यदि यह मॉडल व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ता है तो किसान को केवल कच्चा माल बेचने के बजाय उसकी उपज से जुड़े मूल्य संवर्धन का लाभ मिलेगा और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिल सकती है।
एमएसएमई योजना से उद्योग को मिलेगा सहारा, अब जमीन पर दिखाना होगा परिणाम
इकाई को शासन की एमएसएमई प्रोत्साहन योजना का लाभ मिलने की बात कही गई है। इससे उद्योग को वित्तीय एवं तकनीकी सहयोग मिलने की उम्मीद है। कलेक्टर वर्मा ने निरीक्षण के दौरान यूनिट के संचालन, गुणवत्ता मानकों और सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए उद्यमी का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि खनियाधाना जैसे क्षेत्रों में आधुनिक उद्योगों की स्थापना केवल एक कारोबारी इकाई की शुरुआत नहीं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, किसानों की उपज को बाजार देने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकती है।
कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को उद्योग से जुड़ी आवश्यक शासकीय प्रक्रियाओं और सहयोग में अनावश्यक अड़चन न आने देने के निर्देश दिए। हालांकि अब इस पहल की असली सफलता मशीनों के उद्घाटन या निरीक्षण में नहीं, बल्कि किसानों को मिलने वाले बाजार, युवाओं को मिलने वाले रोजगार, उत्पादन की गुणवत्ता और उद्योग के निरंतर संचालन में दिखाई देगी। खनियाधाना में शुरू हुई यह नई औद्योगिक पहल यदि धरातल पर अपने उद्देश्य को पूरा करती है तो छोटे शहरों और ग्रामीण अंचलों में उद्योगों के लिए एक सकारात्मक उदाहरण बन सकती है।
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