बारिश के कहर के आगे स्कूलों पर लगा ‘रेनी-डे’ का ताला, BSA ने कक्षा-12 तक के स्कूलों को दिया साफ फरमान!

मूसलाधार बारिश और जलभराव ने बिगाड़ी सूरत-ए-हाल, बच्चों को जोखिम में डालकर स्कूल भेजने पर रोक; 19 अगस्त को प्रयागराज में स्कूल बंद
गौरी मिश्रा | प्रयागराज
प्रयागराज में आसमान से बरस रही आफत ने अब स्कूलों की घंटी भी थाम दी है। मूसलाधार बारिश और जलभराव के बीच बच्चों की सुरक्षा को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग ने सख्त कदम उठाया है। हादसे की आशंका को देखते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रयागराज ने 19 अगस्त 2026 को प्री-प्राइमरी से कक्षा-12 तक के सभी संबंधित विद्यालयों में रेनी-डे अवकाश घोषित कर दिया है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार ने 18 अगस्त 2026 को जारी कार्यालय ज्ञाप संख्या 412/2026-27 में स्पष्ट किया कि जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में प्रयागराज एवं आस-पास के क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार वर्षा और जलभराव के कारण शिक्षकों तथा अध्ययनरत छात्र-छात्राओं का विद्यालय पहुंचना कठिन हो गया है।
आदेश में स्थिति की गंभीरता को रेखांकित करते हुए कहा गया है कि किसी दुर्घटना से बचाव और शिक्षकों व विद्यार्थियों की सुरक्षा के दृष्टिगत 19.08.2026 को अवकाश घोषित किया जाता है।
‘पहले सुरक्षा, फिर पढ़ाई’—विभाग का दो टूक संदेश
यह फैसला साफ संकेत है कि प्रशासन बच्चों की सुरक्षा से कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। जलभराव से रास्ते बाधित हों और लगातार बारिश के बीच बच्चे स्कूल पहुंचें—ऐसी स्थिति में एक छोटी सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसी आशंका ने विभाग को तत्काल निर्णय लेने पर मजबूर किया।
सिर्फ परिषदीय नहीं, सभी बोर्डों के स्कूल दायरे में
सबसे अहम बात यह है कि आदेश केवल सरकारी या परिषदीय विद्यालयों तक सीमित नहीं है। प्री-प्राइमरी से कक्षा-12 तक के समस्त परिषदीय, माध्यमिक तथा सभी बोर्डों के मान्यता प्राप्त अंग्रेजी और हिन्दी माध्यम के विद्यालयों में रेनी-डे लागू किया गया है।
यानी बारिश के बीच किसी भी विद्यालय प्रबंधन के लिए इस आदेश को नजरअंदाज करने की गुंजाइश नहीं छोड़ी गई है।
आदेश की अनदेखी पर विभाग की नजर
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने आदेश का कठोरता से अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। आदेश की प्रतिलिपि जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक), जिला विद्यालय निरीक्षक तथा जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों समेत संबंधित अधिकारियों को भेजी गई है।
खंड शिक्षा अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि अवकाश के कारण प्रभावित होने वाले ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रम आगामी तिथियों में कराया जाना सुनिश्चित करें।
बारिश ने रोकी स्कूल की राह, सुरक्षा बनी पहली प्राथमिकता
प्रयागराज में लगातार बारिश और जलभराव के बीच प्रशासन का यह फैसला बच्चों के लिए सुरक्षा कवच के तौर पर देखा जा रहा है। विभाग ने साफ कर दिया है कि मौसम की मार के बीच बच्चों को जोखिम में डालकर शिक्षण व्यवस्था चलाने के बजाय एक दिन का अवकाश बेहतर है।
अब सवाल सिर्फ छुट्टी का नहीं, बल्कि मौसम की गंभीरता का है। यदि बारिश और जलभराव का सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो आने वाले दिनों में भी प्रशासन को विद्यालयों को लेकर नए फैसले लेने पड़ सकते हैं।
फिलहाल 19 अगस्त को स्कूलों की घंटियां नहीं बजेंगी—बारिश के बीच बच्चों की सुरक्षा को ही सबसे बड़ी प्राथमिकता दी गई है।
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