*”पिछोर का वार्ड-5 या कीचड़ का कुंड? महीनों से खुदी सड़क पर नगर पालिका की चुप्पी, जनता दलदल में जीने को मजबूर!”*

झांसी मुख्य हाईवे से जुड़ने वाली वार्ड की सबसे अहम सड़क बनी मौत का जाल, बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग रोज जोखिम उठाने को मजबूर, सोशल मीडिया पर सैकड़ों शिकायतें भी बेअसर।
पिछोर। विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच पिछोर नगर पालिका का वार्ड क्रमांक-5 आज अपनी बदहाली की दर्दनाक तस्वीर खुद बयां कर रहा है। झांसी मुख्य हाईवे से वार्ड के अंदर आने वाली मुख्य सड़क महीनों से खुदी पड़ी है। बारिश ने इस सड़क को ऐसा दलदल बना दिया है कि यह सड़क कम और तालाब ज्यादा नजर आती है। तस्वीरें साफ बता रही हैं कि सड़क पर गहरे गड्ढों में पानी भरा है, चारों ओर कीचड़ फैला हुआ है और लोगों का पैदल निकलना भी किसी चुनौती से कम नहीं।


सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर नगर पालिका किस हादसे का इंतजार कर रही है?
इसी रास्ते से रोज छोटे-छोटे बच्चे स्कूल और कोचिंग जाते हैं, महिलाएं बाजार और अस्पताल पहुंचती हैं, बुजुर्ग जरूरी कामों से निकलते हैं। लेकिन हर दिन उन्हें कीचड़, गड्ढों और फिसलन से जूझना पड़ता है। एक छोटी-सी चूक किसी बड़े हादसे में बदल सकती है।
बार्ड बासियों ने अनुसार सोसल मीडिया के माध्यम से कहा जा रहा है की अगर 7 दिन मे सड़क नहीं सुधरी तो कीचड भरकर नगर ओलाइका मे ट्रॉली से डाला जाएगा क्युकी बार्ड बासी आज इस दलदल से बेहद नारकीय जीबन जीने को मजबूर है आखिर नगरपालिका ने बार्ड 5 को अपने बिकास के नक्शे से किसलिए बाहवर करके रखा है क्या जान भूझकर होनी हटधर्मिता के कारण बार्ड बासियों को दिया जा रहा है दल दल भरा नारकीय जीबन कई बार मोहल्ले बासियो ने होने से पैसा इकट्ठा कर इस दलदल भरी सड़क पर मिट्टी डलबा दी लेकिन उसके बाद भी बिकास की गंगा भाने वाली नगर पालिका ने नही ली सुध :-
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस सड़क की शिकायत सैकड़ों बार नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से की जा चुकी है। सोशल मीडिया पर भी लगातार फोटो और वीडियो वायरल हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदारों की नींद नहीं टूट रही। ऐसा लगता है मानो वार्ड क्रमांक-5 नगर पालिका के नक्शे से ही गायब हो गया हो।
बारिश ने खोली विकास की पोल
बरसात ने नगर पालिका के विकास कार्यों की वास्तविकता उजागर कर दी है। जहां सड़क होनी चाहिए थी, वहां गड्ढों में पानी भरा है। जहां लोगों को सुविधा मिलनी चाहिए थी, वहां हर कदम पर परेशानी है। यह केवल सड़क नहीं, बल्कि नगर पालिका की कार्यशैली पर बड़ा सवाल है।

बार्ड बासी अब बिकास की तस्वीर बनाने वाली नगर पालिका से पूछ रहे है टकटकी लगाकर …
सड़क कब बनेगी?
आखिर महीनों से काम अधूरा क्यों पड़ा है?
क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही प्रशासन जागेगा?
वार्ड-5 के लोगों को आखिर कब तक दलदल में जिंदगी बितानी पड़ेगी?
यदि जल्द ही सड़क निर्माण शुरू नहीं हुआ तो यह मामला केवल बदहाल सड़क का नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का प्रतीक बन जाएगा। वार्ड-5 के लोग अब आश्वासन नहीं, सड़क चाहते हैं।
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