एमपी में फिर सक्रिय हुआ मानसून, अगले 4 दिन झमाझम बारिश के आसार; शिवपुरी समेत कई जिलों में अलर्ट, 7 सितंबर तक मौसम बिगड़ा रहने के संकेत

भोपाल/शिवपुरी। मध्यप्रदेश में सितंबर की शुरुआत के साथ ही मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र और उससे जुड़ी मौसम प्रणालियों के प्रभाव से प्रदेश में अगले कई दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 1 से 7 सितंबर के बीच मध्यप्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी, जबकि कई स्थानों पर गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है।
आज इन जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट
आज उमरिया और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट बताया गया है। वहीं पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, कटनी, मैहर, शहडोल, अनूपपुर, डिंडोरी, जबलपुर, मंडला, सिवनी और छिंदवाड़ा में भारी बारिश की चेतावनी है। इन इलाकों में कहीं-कहीं तेज बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली की स्थिति बन सकती है।
इसके अलावा भोपाल, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, सागर, निवाड़ी सहित कई जिलों में भी बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है। IMD के मध्यप्रदेश केंद्र ने प्रदेश के अनेक जिलों में आंधी-गरज और बिजली गिरने को लेकर भी सावधानी बरतने की सलाह दी है।
शिवपुरी में कैसा रहेगा मौसम?
शिवपुरी जिले के लिए भी मौसम पूरी तरह साफ रहने वाला नहीं है। IMD के शिवपुरी पूर्वानुमान में 1 से 6 सितंबर तक बादल, बारिश/गरज-चमक की संभावना बनी हुई है। आज शिवपुरी में अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री और न्यूनतम करीब 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। अगले कुछ दिनों में बारिश की गतिविधि बढ़ सकती है।
स्थानीय पूर्वानुमान के मुताबिक 3 और 4 सितंबर के आसपास शिवपुरी में बारिश की गतिविधियां अधिक सक्रिय रहने की संभावना है। इसलिए जिले के लोगों को नदी-नालों, जलभराव वाले इलाकों और बिजली गिरने के दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
3 सितंबर से और बढ़ेगा बारिश का असर
मौसम विभाग के अनुसार 1 और 2 सितंबर को पूर्वी मध्यप्रदेश में बारिश का प्रभाव अधिक रहेगा। इसके बाद 3 सितंबर से मौसम प्रणाली का असर मध्य और पश्चिमी हिस्सों की ओर बढ़ सकता है। 3 सितंबर को भोपाल और ग्वालियर संभाग में भारी बारिश की संभावना है, जबकि 4 सितंबर को उज्जैन, भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल संभाग भी बारिश की चपेट में आ सकते हैं।
IMD के ताजा उप-विभागीय पूर्वानुमान में पश्चिमी मध्यप्रदेश में 2 सितंबर को भारी बारिश तथा 3 से 5 सितंबर के बीच बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं पूर्वी मध्यप्रदेश में 1 से 5 सितंबर तक बहुत भारी बारिश की चेतावनी और 6 सितंबर को भारी बारिश का अनुमान है।
मानसून अभी जाने वाला नहीं, सितंबर में भी बारिश का दौर
सितंबर मानसून का अंतिम महीना माना जाता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि महीने की शुरुआत में ही बारिश खत्म हो जाएगी। मौजूदा मौसम प्रणालियों को देखते हुए कम से कम अगले एक सप्ताह तक मध्यप्रदेश में मानसूनी गतिविधियां जारी रहने के संकेत हैं। IMD के मौजूदा पूर्वानुमान में 7 सितंबर तक पश्चिमी और पूर्वी मध्यप्रदेश में भारी बारिश की संभावना दर्ज है।

प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक करीब 702.9 मिमी यानी 27.7 इंच बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य मानसूनी बारिश का आंकड़ा करीब 37.3 इंच है। यानी सामान्य आंकड़े तक पहुंचने के लिए सितंबर में लगभग 9.6 इंच और बारिश की जरूरत बताई गई है।
39 जिलों में अब भी बारिश की कमी
प्रदेश में कुल बारिश अभी सामान्य से करीब 10 प्रतिशत कम बताई जा रही है। पूर्वी मध्यप्रदेश में कमी लगभग 5 प्रतिशत और पश्चिमी मध्यप्रदेश में करीब 15 प्रतिशत तक है। हालांकि शिवपुरी उन जिलों में शामिल है जहां सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है।

बारिश के साथ बिजली और जलभराव का खतरा
मौसम विभाग ने बारिश के साथ गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं को लेकर भी सावधानी बरतने की सलाह दी है। लगातार बारिश होने पर निचले इलाकों में जलभराव, नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने और निचले पुलों पर पानी आने की स्थिति बन सकती है। IMD ने लोगों को बिजली चमकने के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी है।
कुल मिलाकर सितंबर की शुरुआत मध्यप्रदेश के लिए फिर बारिश लेकर आई है। पूर्वी जिलों में आज से बारिश का जोर रहेगा और अगले दो-तीन दिनों में इसका प्रभाव प्रदेश के मध्य तथा पश्चिमी हिस्सों तक पहुंच सकता है। शिवपुरी, ग्वालियर-चंबल और आसपास के जिलों में भी मौसम पर नजर रखना जरूरी होगा, क्योंकि आने वाले दिनों में बारिश के साथ गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ने के संकेत हैं।
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