Telegram Join our Telegram Channel for Daily Latest News Updates! Join Now ×

आबकारी विभाग की निष्क्रियता से महिलाओ मे भड़का जनाक्रोश! जब नहीं जागा विभाग, तब आदिवासी महिलाओं ने संभाली कमान

लाठियां लेकर खुद तोड़े कच्ची शराब के कथित अड्डे, वायरल वीडियो ने खोली बिभाग की सुस्त व्यवस्था की पोल!

महिलाओ द्वारा शराब बनाने के बर्तन फोड़ते हुए का वीडियो जमकर सोसल मीडिया और जनचर्चा मे हो रहा है बायरल!

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

शिवपुरी। खनियाधाना के कफार गांव से सामने आए एक वायरल वीडियो ने आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली को कठघरे में खड़ा कर दिया है। वीडियो में आदिवासी महिलाएं लाठियां लेकर कथित अवैध कच्ची शराब के ठिकानों पर पहुंचती हैं और शराब बनाने की सामग्री, महुआ तथा तैयार कच्ची शराब को नष्ट करती दिखाई दे रही हैं। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा यह वीडियो लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में लंबे समय से अवैध कच्ची शराब का कारोबार चल रहा था। इसकी शिकायतें कई बार आबकारी विभाग और पुलिस को दी गईं, लेकिन कार्रवाई नहीं होने से लोगों का भरोसा टूट गया। हालात ऐसे बने कि महिलाओं को खुद मैदान में उतरना पड़ा।

बताया गया है कि 12 जुलाई को आदिवासी सहरिया संगठन की बैठक में गांव को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया गया था। इसके बाद महिलाओं ने सामूहिक रूप से कथित शराब अड्डों पर पहुंचकर कार्रवाई की और शराब बनाने की सामग्री नष्ट कर दी।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब ग्रामीण लगातार शिकायत कर रहे थे, तब आबकारी विभाग आखिर कर क्या रहा था? यदि समय पर प्रभावी कार्रवाई होती तो क्या महिलाओं को स्वयं कानून-व्यवस्था जैसी स्थिति में उतरना पड़ता? वायरल वीडियो के बाद विभाग की सक्रियता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

छेत्र बासियों की माने तो जनचर्चा के अनुसार आबकारी बिभाग के छेत्रीय अधिकारी अबैध शराब बिक्री के ठिकानो और शिकायतो को नजर अंदाज करते रहते है और इसी का औरतिफल है की छेत्र मे अबैध शराब बिक्री का कारोबार धड़ल्ले से फल फूल रहा है आबकारी बिभाग के छेत्रीय अधिकारी के पास नही है अबैध शराब बिक्री और मनमाने दामों मे शराब बिक्री रोकने का कोई स्थाई प्लान सिर्फ दस्ताबेजो के आंकड़ों मे फलफूल रहा है आबकारी बिभाग का कारोबार इसका जीता जागता प्रमाण यही है की अब महिलाये आबकारी बिभाग का कार्य करती हुई नजर आ रही है अगर ऐसा ही चलता रहा तो वाह दिन दूर नाही की सरकार को आबकारी बिभाग मे बैठे अधिकारियों की जगह छेत्रीय महिलाओ की नियुक्ति न करना बैठे अबैध शराब की बिक्री रोकने के किये खेर यह सारी बात बिभाग को लेकर आम जन चौपालो पर सुनते कहते खबरणबीशो द्वारा सुना जा रहा है अब इसमे कितनी सच्चाई है यह जांच का बिषय है लेकिन यह बायरल वीडियो ने आबकारी बिभाग मे लाखो रुपय तनख्वाह लेकर बैठने वाले निष्क्रिय अधिकारियों की लापरवाही की पोल जरूर खोलकर रख दी है खेर बिभाग इस पर पर्दा डालने के लिये अब छोटी मोती कार्रबाही अब्स्य करेगा लेकिन फिर भी यह अबैध शराब बिक्री का गोरखधंधा लगातार चालु बना रहेगा।

महिलाओं ने चेतावनी दी है कि यदि गांव में दोबारा अवैध कच्ची शराब का कारोबार शुरू हुआ तो वे फिर इसी तरह विरोध करेंगी। इस घटना ने यह संदेश दिया है कि जब सरकारी कार्रवाई पर सवाल उठते हैं, तब समाज स्वयं आगे आकर पहल करने को मजबूर हो जाता है।

अब लोगों की नजर जिला प्रशासन और आबकारी विभाग पर है। ग्रामीणों की मांग है की अवैध शराब के कारोबार पर स्थायी कार्रवाई हो और यदि शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई है तो जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाए क्युकी महिलाओ द्वारा अबैध शराब बिक्री के लिए आगे आना आबकारी बिभाग की निष्क्रियता को सरासर उजागर करता है इसलिए बिभाग को चाहिए की समय रहते गाँव गाँव मे बिक रही अबैध शराब बिक्री के सारे ठिकानो पर दबिश डालकर यह अबैध शराब बिक्री की परंपरा को समाप्त कर दे।

📢 सूचना एवं विज्ञापन हेतु निवेदन: यदि आपके क्षेत्र से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण स्थानीय खबर, सामाजिक गतिविधि या जनहित से संबंधित जानकारी है, तो कृपया प्रकाशन के लिए हमारे न्यूज़ पोर्टल के साथ साझा करें। विज्ञापन एवं प्रचार-प्रसार हेतु भी आप हमसे संपर्क कर सकते हैं। संपर्क करने के लिए कांटेक्ट उस पेज पर जाये। धन्यवाद्!

Was this article helpful?
YesNo

Live Cricket Info

संजीव पुरोहित

मैं संजीव पुरोहित, शिवपुरी (मध्य प्रदेश) से हूँ और शिवपुरी मेल का चीफ एडिटर हूँ। मेरा उद्देश्य स्थानीय और जनहित से जुड़ी सच्ची, निष्पक्ष व ज़मीनी खबरें आप तक पहुँचाना है। ताज़ा अपडेट के लिए Telegram और WhatsApp पर हमारे साथ जुड़ें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button
Close

Ad Blocker Detected

We rely on advertising revenue to support our journalism and keep this website running. Please consider disabling your ad blocker to continue accessing our content.