ग्रामीणों का गुस्सा बना प्रशासन की कार्रवाई का कारण, कलेक्टर के आदेश पर दो क्रेशर सील!

ब्लास्टिंग से मकानों में दरारें, खेतों में गिरे पत्थर और धूल से त्रस्त ग्रामीणों की शिकायत पर बड़ा एक्शन, नियम तोड़ने वालों पर शिकंजा
कलेक्टर शिवपुरी को खनिज बिभाग को आदेशित करना चाहिए की जिले भर मे संचालित क्रेशरो की एक दल बनाकर कराई जाए जांच जिससे भविष्य मे ऐसे मामलो की पुनराबरती न हो।
शिवपुरी। जिले में खनन माफियाओं और नियमों को ताक पर रखकर संचालित हो रहे क्रेशरों पर आखिरकार प्रशासन का डंडा चल गया। सीएम हेल्पलाइन और जनसुनवाई में ग्रामीणों की लगातार शिकायतों के बाद कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के निर्देश पर प्रशासन ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए दो क्रेशर प्लांटों को मौके पर ही सील कर दिया। कार्रवाई से अवैध और मनमानी तरीके से खनन करने वालों में हड़कंप मच गया है।
ग्राम अटलपुर में ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि खदानों में हो रही तेज ब्लास्टिंग से कच्चे मकानों में दरारें पड़ रही हैं, खेतों में पत्थर गिर रहे हैं और लोगों की जान-माल खतरे में है। शिकायत को गंभीर मानते हुए राजस्व और खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच में शिकायतें सही मिलने पर ग्रामीणों की मौजूदगी में दोनों खदानों की खनन गतिविधियां तत्काल बंद कराकर क्रेशर सील कर दिए गए।
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि स्वीकृत खनन योजना का पालन नहीं किया जा रहा था तथा निर्धारित सीमा से अधिक गहराई तक उत्खनन किया गया, जो मध्यप्रदेश गौण खनिज नियम, 1996 का स्पष्ट उल्लंघन है। इसके बाद संबंधित पट्टाधारकों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
उधर नरवर तहसील के ग्राम थरखेड़ा में भी ग्रामीणों ने क्रेशर से उड़ने वाली धूल और एम-सैंड परिवहन करने वाले वाहनों से हो रही परेशानी की शिकायत की थी। जांच में एक डंपर बिना वैध दस्तावेजों के खनिज परिवहन करते पकड़ा गया, जिसे पुलिस अभिरक्षा में खड़ा कराया गया। साथ ही यह भी पाया गया कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की शर्तों का समुचित पालन नहीं किया जा रहा था।
प्रशासन ने किसानों की फसलों और ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर पड़ रहे दुष्प्रभाव को देखते हुए थरखेड़ा स्थित क्रेशर प्लांट को भी तत्काल प्रभाव से सील कर दिया तथा संचालक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई प्रारंभ कर दी।
यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि जनसुनवाई और सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतें अब केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेंगी। यदि किसी भी खदान या क्रेशर द्वारा नियमों की अनदेखी कर आमजन की सुरक्षा और पर्यावरण से खिलवाड़ किया गया तो प्रशासन अब सीधे कार्रवाई करेगा।
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