“संबल के नाम पर आदिवासियों की लूट! जनपद कर्मचारी बनकर बिछाया ठगी का जाल, पोहरी पुलिस ने किया गिरोह का भंडाफोड़”

2 लाख दिलाने का झांसा… 25 हजार ऐंठे, फर्जी पहचान और फर्जी मोबाइल से गरीबों को बनाते रहे शिकार, एक गिरफ्तार, कई अभी भी पुलिस के रडार पर
शिवपुरी। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को गरीबों तक पहुंचाने के लिए बनाई गई मुख्यमंत्री संबल योजना को कुछ शातिर ठगों ने अपनी कमाई का जरिया बना लिया। खुद को जनपद पंचायत का कर्मचारी बताकर आदिवासी परिवारों को सरकारी सहायता दिलाने का झांसा दिया गया और फिर दस्तावेज लेकर उनसे हजारों रुपये ठग लिए गए। पोहरी पुलिस ने ऐसे ही एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि उसके अन्य साथी अभी भी फरार हैं।
गरीबी का बनाया सौदा, सरकारी योजना को बनाया हथियार
थाना पोहरी में दर्ज मामले के अनुसार ग्राम अहेरा निवासी कमलफूल आदिवासी को उसकी दिवंगत पत्नी के नाम स्वीकृत 2 लाख रुपये की संबल सहायता दिलाने का झांसा दिया गया। आरोपियों ने पहले विश्वास जीता, फिर आधार कार्ड, बैंक पासबुक और अन्य दस्तावेज अपने कब्जे में लिए और अलग-अलग बहानों से 25 हजार रुपये वसूल लिए। जब पैसा नहीं मिला, तब पीड़ित को अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ।
जांच में खुला बड़ा नेटवर्क
पुलिस विवेचना में यह बात सामने आई कि यह केवल एक व्यक्ति के साथ हुई धोखाधड़ी नहीं है। प्रारंभिक जांच के अनुसार आरोपियों ने इसी तरीके से कई आदिवासी परिवारों को सरकारी योजनाओं का लालच देकर ठगा। पहचान छिपाने के लिए फर्जी मोबाइल नंबर और अलग-अलग मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया जाता था, ताकि पुलिस तक आसानी से पहुंच न सके।
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और करोड़ों की सरकारी योजनाओं के नाम पर कितनी रकम वसूली।
तकनीकी साक्ष्यों से गिरफ्तारी
पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामदास प्रजापति एवं एसडीओपी आनंद राय के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी रवि चौहान के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी साक्ष्य, मुखबिर सूचना और अन्य प्रमाणों के आधार पर जाहिद खान (38 वर्ष) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। फरार आरोपी आफताब खान और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
सबसे बड़ा सवाल…
क्या यह गिरोह केवल पोहरी तक सीमित था, या जिले के अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह सरकारी योजनाओं के नाम पर गरीबों को ठगा गया?
क्या ऐसे और पीड़ित हैं, जिन्होंने शर्म या डर के कारण अब तक शिकायत नहीं की?
क्या आरोपियों के पास केवल लोगों के दस्तावेज थे, या उनके बैंक खातों की जानकारी का भी दुरुपयोग किया गया?
इन सवालों के जवाब पुलिस की आगे की विवेचना में सामने आ सकते हैं।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी रवि चौहान, उपनिरीक्षक सीमा धाकड़, प्रधान आरक्षक सुरेन्द्र भगत, आरक्षक अरुण जादौन, राजेन्द्र खरे, सुनील धाकड़ एवं अशोक बिटोलिया की विशेष भूमिका रही।
शिवपुरी मेल की अपील
यदि किसी भी व्यक्ति से संबल योजना, लाड़ली बहना, प्रधानमंत्री आवास, किसान सम्मान निधि, पेंशन, राशन या अन्य किसी शासकीय योजना का लाभ दिलाने के नाम पर कोई व्यक्ति रुपये मांगता है या स्वयं को अधिकारी/कर्मचारी बताकर पैसे लेता है, तो तुरंत निकटतम पुलिस थाने या संबंधित विभाग में शिकायत करें। सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए किसी निजी व्यक्ति को नकद राशि देना आवश्यक नहीं होता।
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