खनियांधाना में दिनदहाड़े गोली… पुलिस का खौफ आखिर गया कहां?

बीच बाजार नगर परिषद अध्यक्ष के पति पर फायरिंग, भागते दो बदमाशों को लोगों ने पकड़ा-पीटा; बाकी निकल गए—घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, अब पुलिस की कार्रवाई पर सबकी नजर
खनियांधाना। शहर के बीच बाजार में बुधवार को दिनदहाड़े गोली चली। निशाने पर थे नगर परिषद अध्यक्ष के पति सतेंद्र साहू। घर से दुकान जा रहे साहू पर बस स्टैंड के बीच बदमाशों ने फायरिंग कर दी। गोली चली तो बाजार में अफरा-तफरी मच गई। बदमाश भागे तो दो को लोगों ने पकड़ लिया और उनकी पिटाई कर दी, जबकि बाकी आरोपी मौके से निकल गए। पुलिस पहुंची और दोनों को अपने कब्जे में ले लिया।
घटना के बाद मौके के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। वीडियो में वारदात के बाद का माहौल और लोगों की भीड़ दिखाई दे रही है। इन्हीं वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
लेकिन खनियांधाना में सवाल सिर्फ आज की फायरिंग का नहीं है। सवाल यह है कि शहर के बीच, दिन के उजाले में गोली चलाने का दुस्साहस आखिर आया कहां से?
स्थानीय लोगों के बीच पिछले कुछ दिनों से पुलिस के भय को लेकर भी चर्चा है। फायरिंग और आपराधिक गतिविधियों की घटनाओं की बातें सामने आती रही हैं। ऐसे में आज की वारदात ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है।
चौकी सामने, फिर भी गोली चल गई
बस स्टैंड पर पुलिस चौकी है। इसके बावजूद बाजार के बीच बदमाशों ने गोली चला दी। स्थानीय लोगों का कहना है कि चौकी पर नियमित पुलिस मौजूदगी दिखाई नहीं देती।
सवाल सीधा है—अगर पुलिस चौकी वाले इलाके में ही बदमाश दिनदहाड़े हथियार चला सकते हैं, तो आम आदमी अपनी सुरक्षा का भरोसा किससे करे?
लोग यह भी पूछ रहे हैं कि यदि फायरिंग या आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों के बारे में पुलिस तक सूचनाएं पहुंचती हैं, तो ऐसे लोगों को पहले ही चिन्हित कर उनकी गतिविधियों पर नजर क्यों नहीं रखी जाती? कार्रवाई के लिए क्या पुलिस किसी बड़ी वारदात का इंतजार कर रही है?
आज की घटना में दो आरोपियों को पुलिस के पहुंचने से पहले लोगों ने पकड़ लिया। यह तस्वीर भी अपने आप में कई सवाल छोड़ रही है।
अब पुलिस क्या करती है, यही असली सवाल
दो आरोपी पकड़ लिए गए हैं, लेकिन बाकी कहां हैं? गोली क्यों चलाई गई? हथियार कहां से आया? क्या फायरिंग के पीछे पुरानी रंजिश है या कोई और वजह? इन सवालों का जवाब पुलिस जांच से सामने आएगा।
लेकिन उससे बड़ा सवाल खनियांधाना की पुलिसिंग का है।
घटना के वीडियो मोबाइल से निकलकर सोशल मीडिया तक पहुंच चुके हैं। लोगों की नजर पुलिस पर है। अब देखना यह है कि पुलिस इस वारदात को सिर्फ दो आरोपियों की गिरफ्तारी तक ले जाती है या फरार आरोपियों के साथ-साथ उस पूरे नेटवर्क तक पहुंचती है, जिसके भरोसे अपराधियों का दुस्साहस बढ़ रहा है।
स्थानीय लोगों की मांग है कि पुलिस अधीक्षक शिवपुरी इस मामले को व्यक्तिगत रूप से देखें और खनियांधाना-पिछोर क्षेत्र की पुलिसिंग को लेकर ठोस कदम उठाएं। बाजार में गश्त, बस स्टैंड चौकी की सक्रियता और आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों की पहचान—इन सब पर अब जमीन पर असर दिखाई देना चाहिए।
क्योंकि आज सवाल सिर्फ यह नहीं कि गोली किसने चलाई। सवाल यह भी है कि गोली चलाने वाले को पुलिस का डर क्यों नहीं था। और अब सबसे बड़ा सवाल—पुलिस इस वारदात के बाद क्या एक्शन लेती है, यही आने वाला समय बताएगा।
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