25 साल बाद जागी करैरा मंडी…लेकिन”खुशी” के साथ सियासत की चिंगारी भी भड़की !

दसको से बंद पड़ी मंडी के शुरुआत् के बाद सोसल मीडिया पर शुरु हुआ सियासी संग्राम !
व्यापारी एवं किसानो ने कलेक्टर वर्मा एवं एसडीएम निंगवाल का किया आभार व्यक्त
करैरा:- करीब ढाई दसक तक बीरान पड़ी करैरा कृषि उपज मंडी आखिरवार फिर से गुलजार हो गयी है।जहाँ कभी सन्नाटा पसरा रहता था,अब वहाँ किसानों की आबाजाही,बोली भाव और व्योपार की रौनक लौट आई है।इस बदलाव ने न सिर्फ किसानों के चेहरे पर मुश्कान लाई है,बल्कि स्थानीय व्योपार को भी नई सांस दी है। लेकिन… इस पूरी कहानी मे सिर्फ खुशखबरी ही नही है।मंडी के शुरु होते ही एक नया राजनीतिक और और प्रशासनिक टकराव भी सामने आ गया है,जिसने माहौल को गर्मा दिया है।
करैरा की कृषि उपज मंडी, जो पिछले लगभग 25 वर्षों से बंद पड़ी हुई थी, अब एक बार फिर से जीवंत हो उठी है। इस ऐतिहासिक शुरुआत ने क्षेत्र के किसानों, व्यापारियों और आम नागरिकों में नई उम्मीद जगा दी है। लंबे समय से किसान अपनी उपज बेचने के लिए दूर-दराज की मंडियों में जाने को मजबूर थे, जिससे समय और पैसे दोनों का नुकसान होता था। लेकिन अब मंडी के पुनः संचालन से स्थानीय स्तर पर व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। इस पहल को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखा गया, जहां विभिन्न सामाजिक संगठनों, व्यापारियों और किसानों ने एकजुट होकर प्रशासन का स्वागत किया।
करैरा बिधायक और बिधायक प्रतिनिधि का एस डी एम के खिलाफ सोसल मीडिया पर वीडियो बायरल होकर हो रही है किरकिरी।
करैरा एस डी एम द्वारा कुछ दिन पहके दिनारा मे एक व्योपारी के गौदाम छापामार कार्रवाही की गयी थी इस कारवाही के बाद एस डी एम ने करैरा की बर्षो से बंद पड़ी हुई मंडी को पुनः शुरु करबाया लेकिन इसके बाद सोसल मीडिया पर सियासी जंग सी चिड़ गयी है सोसल मीडिया ओर करैरा बिधायक का एक वीडियो बायरल हो रहा है जिसमे बिधायक कहते दिख रहे है की दिनारा मे की गयी छापामार कार्रवाही पूर्णतः गलत है क्युकी दिनारा मे व्योपारियों द्वारा नंबर एक का काम किया जाता है और वही करैरा मे व्योोारियों द्वारा नंबर दो का काम किया जाता है वही बिधायक प्रतिनिधि द्वारा भी एक वीडियो बायरल किया जा रहा अहइ जिसमे वाह स्पष्ट रूप से कहते दिख रहे है जा करैरा एस डी एम द्वारा व्योोारियों की भरी चौपाल मे मेरा नाम लेकर कहा गया की मेने एस डी एम को फोन किया की आप छापा मारे लेकिन मेरी आज तक एस डी एम से बात भी नहीं हुई मेरी कॉल डिटेल भी निकलबा कर देख सकते है इधर एस डी एम भी अपना पक्ष रख रहे है लेकिन कुल मिलाकार अगर देखा जायर तो सोसल मीडिया पर अब खुलकर सियासी और और प्रशासनिक जंग की चिंगारी भड़कती हुई दिखाई दे रही है अब यह सियासी जंग का सोसल संग्राम कहा तक जाता है यह कहना अभी मुश्किक है लेकिन सोसल मीडिया ओर बायरल वीडियो कही न कही शिवपुरी जिले की बेहतर सुशासन व्यस्था पर काफी प्रशंचिन्ह लगाते हुए दिखाई दे रहे है।
कलेक्टर के दौरे के बाद नबागत एस डी एम ने चंद दिनों मे बदली तस्वीर, 4 दिन में शुरू नजर बर्षो से बीरान पड़ी हुई मंडी …
बीते सप्ताह नवागत कलेक्टर अर्पित वर्मा के करैरा दौरे ने इस पूरे मामले को नई दिशा दी। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मंडी में नगण्य आवक को देख तत्काल प्रभाव से सुचारू संचालन के निर्देश एसडीएम अनुराग निंगवाल को दिए। प्रशासनिक तत्परता का उदाहरण पेश करते हुए एसडीएम निंगवाल ने महज चार दिनों के भीतर मंडी को सुचारू रूप से प्रारंभ करवा दिया। यह कार्य न केवल प्रशासन की सक्रियता को दर्शाता है, बल्कि किसानों के हितों के प्रति उनकी संवेदनशीलता को भी उजागर करता है। मंडी खुलते ही पहले ही दिन किसानों की अच्छी संख्या में उपस्थिति रही, जिससे यह साफ हो गया कि इसकी आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी।
बर्षो से बंद पड़ी हुई मंडी को पुनः चालू कराने पर किसानों ने एस डी एम का जताया आभार, वही मंडी की समस्याओं से भी कराया अबगत।
मंडी के पुनः शुभारंभ के अवसर पर जब एसडीएम अनुराग निंगवाल मौके पर पहुंचे, तो वहां उपस्थित किसानों ने उनका जोरदार स्वागत किया और आभार व्यक्त किया की मात्र 4 दिनों में गेहूं का मंडी भाव 2100 रुपये से बढ़कर 2500 रुपये हो गया। इस दौरान किसानों ने अपनी समस्याओं को भी खुलकर सामने रखा। प्रमुख रूप से पेयजल की कमी, बंद पड़ी केंटीन और मंडी परिसर में स्थित गोदामों के संचालन की मांग की गई। किसानों ने बताया कि यदि ये बुनियादी सुविधाएं बहाल हो जाएं तो मंडी का संचालन और अधिक प्रभावी हो सकता है। एसडीएम ने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि वर्तमान सीजन के समाप्त होते ही अगले सीजन तक सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर दी जाएंगी। इस संवाद से किसानों को भरोसा मिला कि प्रशासन उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।

एस डी एम ने किया व्यापारियों से संवाद और दिया सख्त संदेश कहा नंबर एक का चलेगा काम नंबर दो का कारोबार बर्दाश्त नाही किया जाएगा सामाजिक सहयोग भी सराहनीय रहा।
मंडी परिसर में एसडीएम द्वारा व्यापारियों के साथ बैठक कर उनकी समस्याएं भी सुनी गईं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिन व्यापारियों के पास वैध लाइसेंस हैं, उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी, लेकिन बिना लाइसेंस के व्यापार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस पर सभी व्यापारी एकमत नजर आए और प्रशासन के इस निर्णय का समर्थन किया। साथ ही उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि मंडी व्यवस्था को बेहतर बनाने में वे पूरा सहयोग देंगे और अपने गोदामों को भी जल्द चालू करेंगे। इसी दौरान समाजसेवी महेंद्र बौद्ध ,आजाद लोधी,रितुराज यादव,रविंद्र नरवरिया, अरविंद नागिल द्वारा लगाए गए ठंडे पानी की प्याऊ का शुभारंभ भी किसानों के हाथों फीता काटकर किया गया, जो सामाजिक भागीदारी का उत्कृष्ट उदाहरण बना। इस पूरी पहल ने यह साबित कर दिया कि जब प्रशासन, समाज और व्यापारी मिलकर काम करते हैं, तो बदलाव निश्चित रूप से संभव होता है।
कुल मिलाकर अब बर्षो से बंद पड़ी हुई मंडी पुनः चस्लू होने के बाद सोडल मीडिया पर चल रही सियासी और प्रशासनिक जंग आखिर क्या रंग लाती है फिलहाल तो यह मामला काफी बायरल होकर धूम मचा रहा है वही शिवपुरी जिले के बेहतर सुसाहन पर भी प्रश्न चिन्ह लगाता हुआ औरतीत हो रहा है।
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