मोहन कैबिनेट का मेगा मास्टरस्ट्रोक: MP में समान नागरिक संहिता को हरी झंडी, एक साथ 9 बड़े विधेयकों को मंजूरी

73 स्वास्थ्य संस्थाओं के उन्नयन का भी फैसला, हजारों नए पद सृजित होंगे; विधानसभा सत्र में सरकार पेश करेगी बड़ा विधायी एजेंडा
भोपाल। मध्यप्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाने की दिशा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में गौंड वंश के ऐतिहासिक जगदीशपुर दुर्ग के चमन महल में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। सबसे महत्वपूर्ण फैसला “मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक-2026” को मंजूरी देने का रहा, जिसे अब आगामी विधानसभा सत्र में पेश किया जाएगा।
इसके साथ ही कैबिनेट ने एक साथ 9 महत्वपूर्ण विधेयकों को हरी झंडी देकर यह संकेत दिया कि आगामी विधानसभा सत्र केवल औपचारिक नहीं, बल्कि प्रदेश के कानून, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और श्रम व्यवस्था में व्यापक बदलाव का सत्र साबित हो सकता है।
कैबिनेट के सबसे बड़े फैसले
सरकार ने मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता-2026, निरसन विधेयक-2026, राजमार्ग (संशोधन) विधेयक-2026, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं विधेयक-2026, निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक-2026, मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक-2026, धन्वंतरि स्वास्थ्य विश्वविद्यालय विधेयक-2026, मध्यप्रदेश श्रम शक्ति संहिता (कोड ऑन एम्पावरिंग वर्कस्पेसेज)-2026 तथा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक-2026 को मंजूरी प्रदान कर दी है।
स्वास्थ्य व्यवस्था को भी मिला बड़ा बूस्टर
कैबिनेट ने प्रदेश के 73 स्वास्थ्य संस्थानों के उन्नयन को भी मंजूरी दी। इसके तहत उप स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और सिविल अस्पतालों को उच्चीकृत किया जाएगा।
योजना के तहत—
29 उप स्वास्थ्य केंद्र बनेंगे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र।
19 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनेंगे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र।
18 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनेंगे 50 बिस्तरीय सिविल अस्पताल।
7 संस्थाओं को 100 बिस्तरीय अस्पताल में बदला जाएगा।
1600 नियमित और 71 संविदा पद सृजित होंगे।
560 कर्मचारियों की आउटसोर्सिंग से नियुक्ति होगी।
इस परियोजना पर 776.13 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है, जबकि इन संस्थाओं के संचालन पर प्रतिवर्ष 122.83 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च किए जाएंगे।
विधानसभा में दिखेगा सरकार का बड़ा एजेंडा
कैबिनेट के इन फैसलों से साफ है कि सरकार आगामी विधानसभा सत्र में कानूनी सुधार, प्रशासनिक बदलाव, स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, उद्योगों को बढ़ावा और श्रम सुधार जैसे मुद्दों पर व्यापक विधायी कार्रवाई करने जा रही है। विशेष रूप से समान नागरिक संहिता को मंजूरी मिलने के बाद प्रदेश की राजनीति में नई बहस छिड़ने की संभावना भी बढ़ गई है।
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