*14 साल की बच्ची के पेट में मिला बालों का खौफनाक गुच्छा, मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने किया दुर्लभ ऑपरेशन!*

पेट दर्द की शिकायत लेकर पहुंची 14 साल की बालिका, ऑपरेशन में पेट के अंदर मिला बालों का खौफनाक गुच्छा
शिवपुरी। पेट में तेज दर्द… जांच हुई तो मामला सामान्य नहीं निकला। 14 वर्षीय बालिका के पेट में डॉक्टरों को ऐसा दुर्लभ कारण मिला, जिसने मेडिकल कॉलेज की सर्जिकल टीम को भी जटिल ऑपरेशन के लिए मजबूर कर दिया। सर्जरी के दौरान बालिका के स्टमक से बालों का एक बड़ा गुच्छा निकाला गया, जो पेट की लगभग पूरी कैविटी में फैला हुआ था।
श्रीमंत राजमाता विजयाराजे सिंधिया चिकित्सा महाविद्यालय शिवपुरी में सामने आए इस दुर्लभ मामले में सर्जरी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सौरभ चौहान और उनकी टीम ने सफल ऑपरेशन किया। बालिका को अत्यधिक पेट दर्द की शिकायत के बाद मेडिसिन विभाग में भर्ती कराया गया था। जांच के दौरान हीमोग्लोबिन 7.6 पाया गया और पेट में परफोरेशन की आशंका भी सामने आई। गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे सर्जरी विभाग की यूनिट नंबर-2 में स्थानांतरित किया गया तथा ऑपरेशन से पहले दो यूनिट ब्लड चढ़ाया गया।
जांच आगे बढ़ी तो सामने आया दुर्लभ मामला
आवश्यक जांचों के बाद बालिका को लेप्रोटोमी के लिए तैयार किया गया। ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों को पता चला कि बालिका ‘ट्राइकोबेजोर ऑफ स्टमक एंड डुओडेनम’ नामक दुर्लभ स्थिति से जूझ रही थी। बालों के लगातार पेट में जमा होने से उनका बड़ा गुच्छा बन गया था, जिसने स्टमक की बड़ी हिस्सेदारी को घेर लिया था।
सर्जिकल टीम ने स्टमक की बाहरी परत में चीरा लगाकर बेहद सावधानी से बालों के इस बड़े गुच्छे को बाहर निकाला। जटिलता यह थी कि पेट के भीतर लंबे समय से जमा यह गुच्छा सामान्य भोजन की तरह शरीर से बाहर नहीं निकल सकता था और स्थिति गंभीर होने पर जानलेवा भी बन सकती थी।
कई डॉक्टरों की टीम ने संभाला मोर्चा
ऑपरेशन का नेतृत्व एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सौरभ चौहान ने किया। उनके साथ असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कौशलेन्द्र नरवरिया और पीजी प्रथम वर्ष के डॉ. महेश पाटीदार ने सर्जरी में सहयोग किया। एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. प्रियंका गुप्ता और उनकी टीम ने निश्चेतना संबंधी जिम्मेदारी संभाली, जबकि स्क्रब नर्स दिव्या ने ऑपरेशन के दौरान सहयोग दिया।
सफल ऑपरेशन के बाद बालिका सुरक्षित है और परिजनों ने राहत की सांस ली है। मेडिकल कॉलेज की टीम की इस सफलता ने एक बार फिर यह सामने रखा है कि लगातार या गंभीर पेट दर्द को सामान्य मानकर नजरअंदाज करना कितना भारी पड़ सकता है।
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