स्कूल से बाहर मिला बच्चा तो होगी जवाबदेही! डीपीसी सिकरवार का सख्त अल्टीमेटम, बैठक से गायब शिक्षकों पर नोटिस

“100% नामांकन, 100% उपस्थिति और बेहतर शिक्षा” का सख्त संदेश; उत्कृष्ट शाला प्रभारियों का सम्मान, लापरवाहों पर कार्रवाई के निर्देश
शिवपुरी। करैरा विकासखंड की शिक्षा व्यवस्था को लेकर शनिवार को आयोजित समीक्षा बैठक में जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) दफेदार सिंह सिकरवार ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि 6 से 14 वर्ष आयु का एक भी बच्चा स्कूल से बाहर नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई पात्र बच्चा विद्यालय से वंचित मिलता है तो संबंधित क्षेत्र के जिम्मेदार अधिकारियों और विद्यालय प्रबंधन की जवाबदेही तय की जाएगी।
कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देश पर आयोजित इस हाई-लेवल समीक्षा बैठक में सरकारी और निजी विद्यालयों की शैक्षणिक गतिविधियों, नामांकन, विद्यार्थियों की उपस्थिति, अपार आईडी, एफएलएन, उल्लास नवभारत साक्षरता अभियान और विभिन्न योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई।
डीपीसी सिकरवार ने स्पष्ट निर्देश दिए कि हर विद्यालय घर-घर संपर्क अभियान चलाकर शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि केवल प्रवेश दिलाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि बच्चों की नियमित उपस्थिति, गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई और सीखने के स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार दिखाई देना चाहिए।
बैठक में लापरवाही पर भी कड़ा रुख अपनाया गया। समीक्षा बैठक से अनुपस्थित पाए गए शिक्षकों के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए, जिससे शिक्षा विभाग में जवाबदेही का स्पष्ट संदेश गया है।
करैरा ने बढ़ाया गौरव, 20 में से 13 विज्ञान मॉडल यहीं के
बैठक में डीपीसी ने करैरा विकासखंड की उपलब्धियों की सराहना करते हुए बताया कि संभाग स्तर पर चयनित 20 विज्ञान मॉडलों में से 13 मॉडल अकेले करैरा विकासखंड के हैं। उन्होंने नारही की उस छात्रा का भी उल्लेख किया, जिसे उत्कृष्ट प्रदर्शन पर राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धियां पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
2027 तक पूर्ण साक्षर भारत के लक्ष्य पर जोर
उल्लास नवभारत साक्षरता अभियान की समीक्षा के दौरान बताया गया कि विकासखंड में बड़ी संख्या में असाक्षरों का पंजीयन किया जा चुका है। डीपीसी ने सभी शिक्षकों से आह्वान किया कि प्रधानमंत्री के 2027 तक देश को पूर्ण साक्षर बनाने के लक्ष्य को सफल बनाने में पूरी प्रतिबद्धता के साथ योगदान दें।
बेहतरीन काम करने वालों का सम्मान, निजी स्कूलों को भी सख्त निर्देश
बैठक में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शाला प्रभारी रवि तिवारी, भानुप्रताप सिंह परमार सहित अन्य शिक्षकों को सम्मानित किया गया। वहीं निजी विद्यालय संचालकों को स्कूल वाहनों की फिटनेस, वैध दस्तावेज, चालक लाइसेंस, गाइड की उपलब्धता और विद्यार्थियों की सुरक्षा संबंधी सभी व्यवस्थाएं अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
डीपीसी सिकरवार ने कहा कि शिक्षा विभाग का लक्ष्य केवल नामांकन बढ़ाना नहीं, बल्कि हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना है। इसके लिए नियमित मॉनिटरिंग, अनुशासन और जवाबदेही के साथ कार्य करना होगा।
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