Telegram Join our Telegram Channel for Daily Latest News Updates! Join Now ×

नरवर किले की तोप चोरी: चोर सलाखों के पीछे, लेकिन इतिहास अब भी लापता!

30 हजार के इनामी आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने दिखाई ताकत… पर सबसे बड़ा सवाल—400 साल पुरानी ऐतिहासिक तोप आखिर कब मिलेगी?


शिवपुरी/नरवर।
नरवर किले से चोरी हुई ऐतिहासिक तोप के मामले में शिवपुरी पुलिस और राजस्थान पुलिस की संयुक्त कार्रवाई ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए घटना में प्रयुक्त महिंद्रा पिकअप जब्त कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। लेकिन इस कार्रवाई के बावजूद सबसे बड़ा सवाल अब भी जस का तस खड़ा है—जिस ऐतिहासिक तोप को रातों-रात किले से उखाड़कर ले जाया गया, वह आखिर कब तक बरामद होगी?

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

आरोपी सलाखों के पीछे हैं, वाहन पुलिस के कब्जे में है, लेकिन इतिहास का सबसे अहम सबूत अब भी अपराधियों के कब्जे में बताया जा रहा है। ऐसे में पूरे प्रदेश की निगाहें अब पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिक गई हैं।

पुलिस ने दिखाई तकनीकी ताकत, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था हुई बेनकाब
15 जुलाई की रात कचहरी महल में रखी 14 तोपों में से एक ऐतिहासिक तोप चोरी हो गई। चौकीदार की रिपोर्ट पर थाना नरवर में मामला दर्ज हुआ। इसके बाद पुलिस महानिरीक्षक, डीआईजी और पुलिस अधीक्षक शिवपुरी श्रीमती यांगचेन डोलकर भूटिया के निर्देशन में विशेष टीम बनाई गई।

सायबर सेल, सीसीटीवी फुटेज, टोल प्लाजा कैमरों और तकनीकी विश्लेषण के जरिए पुलिस राजस्थान के करौली तक पहुंची। वहां राजस्थान पुलिस के सहयोग से आरोपी अमन मीणा और टिम्मूराम मीणा को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त महिंद्रा पिकअप जब्त कर ली गई।

यह कार्रवाई बताती है कि पुलिस ने तकनीकी जांच और अंतरराज्यीय समन्वय का प्रभावी प्रदर्शन

किया।

गिरफ्तार आरोपी
अमन कुमार मीणा निवासी पालनपुर, जिला करौली (राजस्थान)
टिम्मूराम मीणा निवासी गांवडा मीना, जिला करौली (राजस्थान)

जप्ती:
घटना में प्रयुक्त महिंद्रा बोलेरो पिकअप (RJ34GA2980), अनुमानित कीमत लगभग ₹6 लाख।

कैसे हुई कार्रवाई :-
15 जुलाई की रात किले के कचहरी महल से 14 तोपों में से एक ऐतिहासिक तोप चोरी हो गई थी। अगले दिन चौकीदार रमेश कोली ने थाना नरवर में रिपोर्ट दर्ज कराई, जिस पर धारा 303(2) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक ग्वालियर जोन, डीआईजी ग्वालियर रेंज तथा पुलिस अधीक्षक शिवपुरी श्रीमती यांगचेन डोलकर भूटिया ने विशेष टीम गठित की। फरार आरोपियों पर पहले ₹10 हजार और बाद में ₹30 हजार का इनाम घोषित किया गया।

सायबर सेल की तकनीकी मदद, टोल प्लाजा और सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालते हुए पुलिस राजस्थान के करौली जिले तक पहुंच गई। वहां राजस्थान पुलिस की स्पेशल टीम के सहयोग से मुखबिर सूचना पर 25 जुलाई को घेराबंदी कर घटना में प्रयुक्त पिकअप वाहन जब्त किया गया तथा दो आरोपियों—अमन मीणा और टिम्मूराम मीणा—को गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस अब चोरी गई ऐतिहासिक तोप की बरामदगी और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।

सराहनीय कार्यवाही : – उक्त कार्यवाही मे श्री प्रशांत शर्मा एसडीओपी अनुभाग पिछोर, टी. आई. विनय यादव (थाना प्रभारी नरवर), उनि अरविन्द सिंह चौहान (थाना प्रभारी सुभाषपुरा), उनि धर्मेन्द्र जाट (सायबर सेल प्रभारी शिवपुरी), उनि. अभिमन्यु राजावत (चौकी प्रभारी मगरौनी), उनि. मनोज सरयाम, सउनि राधाकृष्ण बंजारा, सउनि सतीष जयन्त थाना नरवर, प्र आर 874 प्रभजोत सिंह, आर 426 नरेन्द्र सिंह मोर्य, आर 206 भूपेन्द्र सिंह (सायबर सेल शिवपुरी), आर 1055 शिवराज यादव, आर 510 रोहित उपाध्याय (एसडीओपी कार्यालय पिछोर शिवपुरी) एवं सउनि श्री राम कुमार (प्रभारी डीएसटी करौली राजस्थान) व अन्य टीम सदस्य जिला स्पेशल टीम करौली राजस्थान की सराहनीय भूमिका रही।

लेकिन… सबसे बड़ा सवाल पुरातत्व विभाग से
पुलिस ने अपना काम कर दिखाया, लेकिन पुरातत्व विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह कटघरे में खड़ी दिखाई दे रही है।

आखिर—

इतनी भारी ऐतिहासिक तोप किले से बाहर कैसे निकल गई?

क्या किले में रात के समय पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था थी?

क्या सभी तोपों का नियमित सत्यापन किया जाता था?

क्या आधुनिक सीसीटीवी निगरानी और अलार्म सिस्टम मौजूद था?

क्या धरोहरों की सुरक्षा केवल एक चौकीदार के भरोसे छोड़ दी गई थी?

यदि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होते तो शायद आज यह नौबत ही नहीं आती।

नरवर किला—इतिहास की धरोहर, सुरक्षा भगवान भरोसे?
नरवर किला केवल पत्थरों का ढांचा नहीं, बल्कि मध्य भारत के गौरवशाली इतिहास का जीवंत प्रतीक है। राजा नल-दमयंती की कथाओं से लेकर कछवाहा, मुगल और मराठा काल तक का इतिहास इस किले की दीवारों में दर्ज है। यहां रखी तोपें देश की सैन्य और सांस्कृतिक विरासत की अमूल्य धरोहर हैं।

ऐसी धरोहर का चोरी होना केवल आपराधिक घटना नहीं, बल्कि हमारी ऐतिहासिक विरासत पर सीधा हमला है।

सबसे बड़ा सवाल—तोप आखिर कब मिलेगी?
अब पूरा मामला एक नए मोड़ पर आ गया है।

गिरफ्तारी हो चुकी है। वाहन मिल चुका है। पुलिस की टीमें राजस्थान में दबिश दे रही हैं।

लेकिन—

क्या ऐतिहासिक तोप सुरक्षित है?

क्या उसे कबाड़ में काट दिया गया या कहीं छिपाकर रखा गया है?

क्या पुलिस कुछ दिनों में उसे बरामद कर पाएगी या यह ऐतिहासिक धरोहर हमेशा के लिए गायब हो जाएगी?

जब तक तोप बरामद नहीं होती, तब तक यह कार्रवाई अधूरी मानी जाएगी। क्योंकि अपराध का सबसे महत्वपूर्ण साक्ष्य और देश की ऐतिहासिक धरोहर अभी भी पुलिस की पहुंच से बाहर है।

नरवर किले की तोप चोरी ने दो तस्वीरें सामने रख दी हैं। पहली—शिवपुरी पुलिस ने आधुनिक तकनीक और अंतरराज्यीय समन्वय से अपराधियों तक पहुंचकर अपनी दक्षता साबित की। दूसरी—पुरातत्व विभाग की सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरियां पूरी तरह उजागर हो गईं। अब प्रदेश की जनता केवल आरोपियों की गिरफ्तारी से संतुष्ट नहीं होगी। असली सवाल यह है कि 400 साल पुरानी ऐतिहासिक तोप आखिर कब तक वापस नरवर किले की शान बनेगी? जब तक तोप बरामद नहीं होती, तब तक इस ऐतिहासिक चोरी की कहानी अधूरी ही मानी जाएगी।

📢 सूचना एवं विज्ञापन हेतु निवेदन: यदि आपके क्षेत्र से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण स्थानीय खबर, सामाजिक गतिविधि या जनहित से संबंधित जानकारी है, तो कृपया प्रकाशन के लिए हमारे न्यूज़ पोर्टल के साथ साझा करें। विज्ञापन एवं प्रचार-प्रसार हेतु भी आप हमसे संपर्क कर सकते हैं। संपर्क करने के लिए कांटेक्ट उस पेज पर जाये। धन्यवाद्!

Was this article helpful?
YesNo

Live Cricket Info

संजीव पुरोहित

मैं संजीव पुरोहित, शिवपुरी (मध्य प्रदेश) से हूँ और शिवपुरी मेल का चीफ एडिटर हूँ। मेरा उद्देश्य स्थानीय और जनहित से जुड़ी सच्ची, निष्पक्ष व ज़मीनी खबरें आप तक पहुँचाना है। ताज़ा अपडेट के लिए Telegram और WhatsApp पर हमारे साथ जुड़ें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button
Close

Ad Blocker Detected

We rely on advertising revenue to support our journalism and keep this website running. Please consider disabling your ad blocker to continue accessing our content.