शिवपुरी जिले की परिवहन चौकिया बनी अबैध बसूली का अड्डा आर टी ओ साहित सफेदपोशो ने साधी चुप्पी।

सिकंदरा और खरई परिवहन चेकपोस्ट पर अवैध वसूली के आरोप, बीच सड़क बेरिकेट लगाकर रोके जा रहे वाहन
बीच हाइबे पर खाकी बर्दी मे बेटिकट लगा लगाकर आखिर बाहन रोक रोककर किसकी सह पर हो रही है बसूली – आरोप
शिवपुरी/ शिवपुरी जिले में परिवहन व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सिकंदरा और खरई स्थित परिवहन चेक पोस्ट पर वाहन चेकिंग के नाम पर खुलेआम अवैध वसूली किए जाने के आरोप लगातार आये दिन सामने आ रहे हैं। स्थानीय वाहन चालकों और परिवहन व्यवसायियों का कहना है कि यहां नियमों का पालन कराने की बजाय मनमानी तरीके से पैसे वसूले जा रहे हैं और इस मामले की शिकायत हम नीचे से लेकर उच्च स्तर के अधिकारियों से कर चुके है लेकिन यह अबैध बसूली का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है इस खुलेआम बीच सड़क पर अबैध बसूली को लेकर सभी जिम्मेदारो ने चुप्पी साधकर रखी है।
परिबहन व्योसाइयो का कहना है कि चेक पोस्ट से निकलने वाले वाहनों को बीच सड़क पर बेरिकेट लगाकर रोका जाता है और कागजों में छोटी-मोटी कमी बताकर चालकों पर दबाव बनाया जाता है। इसके बाद मौके पर ही “समझौता” कर पैसे लेकर वाहन छोड़ दिए जाते हैं और बाहन चालको से मंथली एक फिक्स रकम देने की बात कहकर दबाब बनाया जाता है इस प्रक्रिया से न केवल चालकों को आर्थिक नुकसान हो रहा है, बल्कि सड़क पर अनावश्यक जाम और असुविधा भी हमेशा पैदा होती रहती है।
सूत्रों का यह भी दावा है कि यह पूरी कार्रवाई बिना किसी ऊपरी संरक्षण के संभव नहीं है। आरोप सीधे तौर पर जिला परिवहन अधिकारी, शिवपुरी और भोपाल स्तर पर बैठे अधिकारियों पर लगाए जा रहे हैं कि उनके संरक्षण के चलते ही यह अवैध वसूली बेखौफ जारी है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
स्थानीय वाहन चालकों और परिवहन व्योसाइयो ने जिला प्रशासन और मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, चेकिंग प्रक्रिया को पारदर्शी और नियमबद्ध बनाने की भी आवश्यकता जताई गई है और मांग की है की बीच सड़क पर बेरिकेट लगा लगाकर इस गुंडई अंदाज मे की जा रही अबैध बसूली पर लगाम लगाई जाए।
अब देखना होगा कि प्रशासन इन गंभीर आरोपों को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या इस अवैध वसूली पर लगाम लग पाती है या नहीं।
Live Cricket Info








