2 हजार की रिश्वत लेते पटवारी देवेंद्र जैन लोकायुक्त के हत्थे चढ़े

नक्शा दुरुस्ती के लिए मांगे थे 5 हजार, किसान से पहले ही ले चुका था रकम
शिवपुरी। जिले में भ्रष्टाचार पर एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए लोकायुक्त पुलिस ने पटवारी देवेंद्र जैन को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।आरोपी पटवारी को सिद्धेश्वर कॉलोनी से उस समय दबोचा गया, जब वह किसान से 2 हजार रुपए की रिश्वत ले रहा था। खास बात यह है कि वह इस काम के लिए कुल 5 हजार रुपए की मांग कर चुका था।
किसान से वसूली का पूरा खेल
जानकारी के अनुसार, पोहरी तहसील के ग्राम मचाकला निवासी किसान ब्रखभान धाकड़ को अपनी जमीन का नक्शा दुरुस्त कराना था।
इस कार्य के लिए पटवारी देवेंद्र जैन ने उससे 5 हजार रुपए रिश्वत मांगी और शुरुआत में 1 हजार रुपए ले भी लिए। आर्थिक रूप से कमजोर किसान पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था।
लोकायुक्त ने ऐसे बिछाया जाल
पीड़ित किसान ने 24 मार्च को ग्वालियर स्थित लोकायुक्त एसपी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई।
इसके बाद टीम प्रभारी बलराम सिंह राजावत के नेतृत्व में योजना बनाई गई। किसान को रिकॉर्डर देकर भेजा गया और बातचीत के प्रमाण जुटाए गए।
जैसे ही पटवारी ने 2 हजार रुपए हाथ में लिए, टीम ने मौके पर ही दबोच लिया। रासायनिक परीक्षण में भी रिश्वत लेने की पुष्टि हुई—हाथ धुलवाने पर पानी लाल हो गया।
हर महीने हो रही कार्रवाई, फिर भी नहीं रुक रहा भ्रष्टाचार
शिवपुरी जिले में यह कोई पहली घटना नहीं है। लगभग हर महीने लोकायुक्त किसी न किसी भ्रष्ट अधिकारी को पकड़ रही है, जिसमें सबसे ज्यादा मामले राजस्व विभाग से सामने आ रहे हैं।
बड़ा सवाल: वेतन के बावजूद रिश्वत क्यों?
सरकारी कर्मचारियों को पर्याप्त वेतन मिलने के बावजूद गरीबों से रिश्वत लेना कई गंभीर सवाल खड़े करता है—
- क्या सिस्टम में डर खत्म हो गया है?
- क्या कार्रवाई के बाद भी सुधार नहीं हो रहा?
- या फिर भ्रष्टाचार अब “रूटीन” बन चुका है?
छोटी-छोटी रकम के लालच में अधिकारी न सिर्फ कानून तोड़ रहे हैं, बल्कि अपनी सामाजिक प्रतिष्ठा भी दांव पर लगा रहे है
लोकायुक्त की लगातार कार्रवाई यह साबित करती है कि शिकायत करने पर कार्रवाई संभव है, लेकिन सवाल यह है कि भ्रष्टाचार की जड़ कब खत्म होगी?
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