पीएम राहत योजना के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन हेतु आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश

शिवपुरी, / प्रधानमंत्री द्वारा पीएम राहत (प्रधानमंत्री–सड़क दुर्घटना पीड़ित अस्पताल में भर्ती एवं सुनिश्चित उपचार) योजना को 13 फरवरी 2026 से लागू करने की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना पीड़ितों को गोल्डन ऑवर के दौरान दुर्घटना की तिथि से 7 दिवस के भीतर अधिकतम 1.50 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु National Health Authority (NHA) द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी आधारित प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसमें ट्रांजैक्शन मैनेजमेंट सिस्टम (IMS), हॉस्पिटल एंगेजमेंट मॉड्यूल (HEM), यूज़र मैनेजमेंट पोर्टल (UMP) तथा एंटी-फ्रॉड ट्रिगर्स सम्मिलित हैं। यह प्लेटफॉर्म 20 फरवरी 2026 से लाइव किया जाना प्रस्तावित है, जिसके उपरांत योजना का क्रियान्वयन मध्यप्रदेश में भी प्रारंभ किया जाएगा।
जिला स्तर पर योजना के सुचारू संचालन हेतु आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिसमें आयुष्मान भारत-पीएमजेएवाई (AB-PMJAY) के अंतर्गत संबद्ध सभी अस्पतालों को योजना की जानकारी देकर उन्हें नामित अस्पताल के रूप में कार्य करने हेतु तैयार किया जाए। संबंधित अस्पतालों का संवेदीकरण करते हुए उनकी सेवा-तत्परता सुनिश्चित की जाए, क्योंकि अधिकांश प्रकरण इन्हीं अस्पतालों में आने की संभावना है। ऐसे अस्पतालों की पहचान कर शीघ्र संबद्धता की कार्यवाही की जाए, जो केवल पीएम राहत योजना हेतु नामित किए जा सकते हैं, भले ही वे पीएमजेएवाई से संबद्ध न हों। योजना अंतर्गत आयोजित प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण सत्रों में सभी नामित अस्पतालों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए। सूचना, शिक्षा एवं संचार (IEC) गतिविधियों के माध्यम से व्यापक जन-जागरूकता सुनिश्चित की जाए, ताकि गैर-नामित अस्पताल भी दुर्घटना पीड़ितों को प्रारंभिक स्थिरीकरण उपचार प्रदान कर सकें।
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